बुरहानपुर नगर निगम का बजट सत्र बुधवार को परमानंद गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में हंगामे के बीच शुरू हुआ। जलावर्धन योजना में कथित अनियमितताओं, गंदे पानी की आपूर्ति और अधूरे विकास कार्यों को लेकर कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों ने निगम प्रशासन को घेर लिया। पार्षदों ने निजी कंपनी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की मांग की, लेकिन प्रस्ताव पारित नहीं हो सका। नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि पार्षदों की आपत्तियों से एमपीयूडीसी को अवगत कराया जाएगा। कांग्रेस पार्षद एवं अधिवक्ता उबैद शेख ने आरोप लगाया कि चार साल के कार्यकाल में जनप्रतिनिधियों के वार्डों में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हुए। उन्होंने कहा कि महापौर द्वारा प्रत्येक पार्षद को पांच लाख रुपए की निधि और वार्डों में 15-20 लाख रुपए के विकास कार्य कराने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ। योजनाएं बनीं, टेंडर जारी हुए, लेकिन बाद में निरस्त कर दिए गए। उन्होंने कहा कि खराब सड़कें, नालियां और जलभराव आज भी बड़ी समस्या बने हुए हैं। यदि हालात नहीं सुधरे तो अगले चुनाव में जनता के बीच जाना मुश्किल होगा। जलावर्धन योजना पर उठे सवाल पार्षद अजय उदासीन ने कहा कि जलावर्धन योजना के तहत अब तक सभी वार्डों में नल कनेक्शन नहीं दिए गए हैं। आधे शहर में नई लाइनें पूरी नहीं हुईं, जबकि पुरानी जलापूर्ति व्यवस्था बंद कर दी गई और ट्यूबवेल की मोटरें भी निकाल ली गईं। उन्होंने सवाल उठाया कि निगम प्रशासन निजी कंपनी का बचाव क्यों कर रहा है। पार्षद गौरव शुक्ला ने भी लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जल विभाग पर सबसे अधिक खर्च होने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं दिख रहा है। उन्होंने जनहित में शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करने की मांग भी की। बहसबाजी, धरना और निंदा प्रस्ताव की मांग बैठक के दौरान निर्दलीय पार्षद अमित नवलखे और आयुक्त संदीप श्रीवास्तव के बीच जलावर्धन योजना को लेकर तीखी बहस हुई। डिप्टी स्पीकर फहीम हाशमी ने मांग की कि जब तक हर घर तक नई जलापूर्ति नहीं पहुंचती, तब तक पुरानी पानी सप्लाई व्यवस्था जारी रखी जाए। इसी दौरान भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच भी तीखी नोकझोंक हुई। सांसद प्रतिनिधि आदित्य प्रजापति पहली बार बैठक में शामिल हुए, जबकि विधायक प्रतिनिधि के रूप में चिंतामन महाजन मौजूद रहे। महाजन ने निजी कंपनी के खिलाफ निर्णय लेने में जल्दबाजी नहीं करने की बात कही, जिस पर उबैद शेख ने कहा कि कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना सरकार की नीति का विरोध नहीं है। महिला पार्षद जमीन पर बैठीं वार्ड में सफाई व्यवस्था से नाराज पार्षद मीना मोरे अध्यक्ष की आसंदी के सामने जमीन पर बैठ गईं। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारी स्वर्णिका वर्मा पर फोन नहीं उठाने और सफाई व्यवस्था की अनदेखी का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की। निर्दलीय पार्षद अमित नवलखे भी सदन में जमीन पर बैठ गए और जलावर्धन योजना से जुड़े वीडियो को सदन में चलाने की मांग की। बाद में वीडियो प्रस्तुत किया गया। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की दो-तीन साल से लंबित किश्तों का मुद्दा भी उठाया गया। महापौर बोलीं- नागरिकों का स्वास्थ्य सर्वोपरि महापौर माधुरी पटेल ने कहा कि गर्मी के दौरान भी पानी की समस्या रही है। लीकेज के कारण कई जगह गंदा पानी सप्लाई हुआ। उन्होंने कहा कि जलावर्धन योजना पूरी होने तक शहर की पांचों पुरानी पानी टंकियां चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। इससे बिजली खर्च बढ़ेगा, लेकिन नागरिकों का स्वास्थ्य अधिक महत्वपूर्ण है। आयुक्त बोले- एमपीयूडीसी को भेजेंगे आपत्तियां नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि बैठक में जलावर्धन योजना पर सार्थक चर्चा हुई। जहां नई पाइपलाइन नहीं बिछी है, वहां पुरानी व्यवस्था से जलापूर्ति जारी है। पार्षदों की सभी शिकायतें और निजी कंपनी के संबंध में उठे मुद्दे एमपीयूडीसी को भेजे जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए कार्रवाई की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के नल कनेक्शन काटे जा सकते हैं।
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जलावर्धन योजना पर घिरा निगम, बजट सत्र में हंगामा: गंदे पानी, अधूरे काम और निजी कंपनी पर बरसे पार्षद; महिला पार्षद धरने पर बैठीं – Burhanpur (MP) News
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