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फिल्म ‘हवस’ के गाने ‘तेरी गलियों में न रखेंगे कदम’ का दिलचस्प किस्सा. सावन कुमार टाक ने मजरूह सुल्तानपुरी से फीस कम करने को कहा, पर उन्होंने मना कर दिया.
साल 1974 में एक फिल्म आई थी ‘हवस’, जिसमे अनिल धवन, नीतू सिंह, बिंदु और विनोद मेहरा जैसे कलाकारों ने काम किया था. फिल्म में रेखा का भी स्पेशल रोल था.इस फिल्म के मशहूर डायरेक्टर सावन कुमार टाक ने बनाया था. जिन्होंने बॉलीवुड में साजन बिना सुहागन, सौतन, सनम बेवफा, से लेकर सौतन जैसी कई हिट फिल्में बनाईं.

इस फिल्म का दिलचस्प किस्सा है इसके एक हिट गाने का. वो गाना जिसे लिखवाने के लिए डायरेक्टर ने खूब पापड़ बेले. लिरिसिस्ट ने मुंह मांगे पैसे मांगे तो निर्देशक मुंह लटकाकर अपने घर आ गए. इसी दर्द के बीच ‘तेरी गलियों में न रखेंगे कदम’ का जन्म हुआ.

जब सावन कुमार ‘हवस’ फिल्म बना रहे थे तब उनकी आर्थिक हालत ठीक नहीं थी. इससे पहले आई उनकी ‘गौमती के पार’ कतई फ्लॉप हो गई थी और उनकी हालत ठीक नहीं थी. अब जब वह ‘हवस’ बना रहे थे तो वह फिल्म के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहते थे. ऐसे में उन्होंने कम बजट में सबकुछ बेस्ट करने का सोचा.
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हुआ ये था कि सावन कुमार गाने लिखवाने के लिए मशहूर लिरिसिस्ट मजरूह सुल्तानपुरी के पास पहुंचे थे. दोनों ने लंबी मीटिंग की. सावन ने मजरूह सुल्तानपुरी के घर पर ही ये मीटिंग की थी. दोनों ने फिल्म और गाने की बातचीत के साथ डिनर भी किया. फिर बात आई फीस पर.

मजरूह सुल्तानपुरी ने साफ साफ कहा कि वह फिल्म के गाने लिखने के लिए 25 हजार लेंगे. सावन कुमार ने उन्हें बताया कि बजट थोड़ा कम है. ऐसे में वह सिर्फ एक ही गाना लिखवाना चाहते हैं.

तो थोड़ी फीस कम कर लें. मगर मजरूह सुल्तानपुरी ने साफ कह दिया था कि वह फिल्म के चार गाने लिखवाएं या एक वह पैसे पूरे ही लेंगे.

सावन कुमार बुरी तरह निराश हो गए. वह मुंह लटाकर उनके घर से निकल गए. जब वह लौट रहे थे तो उनके मन में एक ही लाइन आई ‘अब इनकी गलियों में कदम नहीं रखूंगा’.

बस यही बात हवस के गाने की अहम लाइन बनी. उन्होंने फिर खुद ही म्यूजिक कंपोजर ऊषा खन्ना के साथ गाने तैयार किए. हवस के गाने खुद फिल्म के डायरेक्टर ने ही तैयार किए थे.

