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मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर विशाल मधुकरराव भोवटे ने खुद अपने मोबाइल में रैपिडो ऐप से रवि भवन से प्रियदर्शिनी कॉलोनी तक जाने के लिए बाइक राइड बुक की. जैसे ही बाइक उन्हें लेने आई तो उसे आरटीओ कर्मचारियों ने जब्त कर लिया. बाद में पुलिस को शिकायत दी गई जिसके आधार पर रैपिडो के तीनों को-फाउंडर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई.
आरटीओ ने बाइक को जब्त कर लिया. (File Photo)
नई दिल्ली. महाराष्ट्र में बिना परमिट और गैर-कानूनी तरीके से चल रही बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ परिवहन विभाग ने एक बड़ा और बेहद फिल्मी जाल बुना. नागपुर में खुद आरटीओ (RTO) अधिकारी ने ग्राहक बनकर महज ₹22 की एक राइड बुक की. इसके बाद जो हुआ, उसने रैपिडो कंपनी के होश उड़ा दिए. इस सीक्रेट ऑपरेशन के बाद रैपिडो ऐप का संचालन करने वाली कंपनी के संस्थापकों (Founders) ऋषिकेश एसआर, पवन गुंटुपल्ली और अरविंद सांका के खिलाफ नागपुर के सीताबर्डी पुलिस स्टेशन में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है.
आरटीओ द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, रैपिडो ऐप चलाने वाली पैरेंट कंपनी रूपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को महाराष्ट्र सरकार या क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) से राज्य में पेट्रोल से चलने वाली बाइक टैक्सी सेवा संचालित करने की कोई अनुमति या लीगल परमिट नहीं मिला है. लेकिन, कंपनी निजी पेट्रोल बाइक का इस्तेमाल व्यावसायिक कामों के लिए कर रही है.
₹22 का जाल
यह पूरा मामला 23 जून का है जब नागपुर (शहर) क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने अवैध यात्री परिवहन के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया था. इस अभियान के तहत मोटर वाहन निरीक्षक विशाल मधुकरराव भोवटे ने खुद अपने मोबाइल में रैपिडो ऐप से रवि भवन से प्रियदर्शिनी कॉलोनी तक जाने के लिए बाइक राइड बुक की, जिसका किराया सिर्फ ₹22 था.
कुछ ही देर में निर्धारित पिकअप पॉइंट पर एक बाइक आकर रुकी. आरटीओ अधिकारी जैसे ही बाइक पर बैठे, वैसे ही टीम ने उसे घेर लिया. वाहन को जांच के लिए आरटीओ कार्यालय ले जाया गया. जांच में पता चला कि इस निजी (White Plate) दोपहिया गाड़ी का इस्तेमाल बिना किसी आवश्यक कमर्शियल लाइसेंस और परमिट के टैक्सी की तरह किया जा रहा था. आरटीओ ने बाइक को जब्त कर लिया.

