मधुबनी नागरिक अधिकार मंच ने शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पंडौल थाना क्षेत्र के ऐतिहासिक भवानीपुर स्थित उगना महादेव मंदिर परिसर से एक विशाल पेड़ काटे जाने के विरोध में था। मंच के सदस्यों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। दोपहर 12 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में मंच ने घटना को पर्यावरण और पक्षियों के अस्तित्व पर गंभीर हमला बताया। नागरिक अधिकार मंच के सदस्य प्रफुल्ल चंद झा ने कहा कि काटा गया पेड़ वर्षों से हजारों चिड़ियों और अन्य पक्षियों का प्राकृतिक आश्रय स्थल था। पेड़ काटे जाने से उस पर बसेरा करने वाले अनेक बेजुबान पक्षियों और उनके बच्चों की मौत हो गई। झा ने इसे केवल पेड़ की कटाई नहीं, बल्कि मूक जीवों की सामूहिक हत्या करार दिया। उन्होंने जिला प्रशासन से सवाल किया कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। मंच ने पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता की रक्षा के लिए दोषियों की शीघ्र पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें जेल भेजने की मांग की। धरना के दौरान नागरिक अधिकार मंच ने उगना महादेव मंदिर के न्यास बोर्ड का मुद्दा भी उठाया। वक्ताओं ने मंदिर के सुचारु प्रबंधन और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए न्यास बोर्ड के पुनः गठन की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका मानना था कि बोर्ड के गठन से मंदिर परिसर के संरक्षण एवं विकास से जुड़े मामलों की बेहतर निगरानी सुनिश्चित हो सकेगी। इसके अतिरिक्त, मंच के सदस्यों ने मधुबनी टाउन क्लब परिसर में नगर निगम द्वारा प्रस्तावित मल्टी पर्पस मार्केट निर्माण का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक एवं ऐतिहासिक महत्व के स्थलों की मूल पहचान और उपयोगिता को बनाए रखना आवश्यक है। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए दोनों मामलों में शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।
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