दैनिक भास्कर में “पुलिस ने खौलता पानी फेंका, युवती की छाती जली: पीड़िता बोलीं- शादी भी नहीं हुई, भविष्य की कल्पना करके रूह कांप जाती है” शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद राज्य सरकार हरकत में आ गई है। घटना के आठ दिन बाद सरकार ने मामले मे
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सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 19 जून को जयपुर के रामनगरिया क्षेत्र में मुख्यमंत्री के काफिले के गुजरने से पहले यातायात व्यवस्था के दौरान हुई घटना में रेशु गुप्ता अपने ठेले पर रखे गर्म पानी से झुलस गई थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग ने संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल लाइन हाजिर किया है और निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है।
वहीं, नगर निगम जयपुर ग्रेटर के आयुक्त ओम कसेरा और उपायुक्त नीलम मीना पीड़िता के घर पहुंचे। अधिकारियों ने परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि रेशु गुप्ता के उपचार का संपूर्ण खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इसके अलावा प्रभावित परिवार की आजीविका को दोबारा स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी तथा स्थायी रोजगार के लिए डेयरी बूथ आवंटित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि 19 जून को रामनगरिया थाना क्षेत्र में मोमोज का ठेला लगाने वाली रेशु गुप्ता के पुलिसकर्मियों से विवाद के दौरान गंभीर रूप से झुलसने का मामला सामने आया था। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मी द्वारा ठेले को धक्का देने से खौलता पानी उस पर गिर गया। इस मामले में 22 जून को पीड़िता की बहन ने एफआईआर दर्ज कराई थी। भास्कर द्वारा पीड़िता की आपबीती प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद मामले ने तूल पकड़ा और अब सरकार ने राहत और पुनर्वास संबंधी कदम उठाने की घोषणा की है।

