जबलपुर में 21 जून का दिन प्रशासनिक अधिकारियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा। इस दिन राष्ट्रपति का दौरा, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और NEET की पुन: परीक्षा एक साथ आयोजित की जाएगी। इस दोहरे वीआईपी कार्यक्रम और संवेदनशील परीक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तर
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परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने स्वयं मोर्चा संभाला है। उन्होंने परीक्षा केंद्रों और प्रमुख मार्गों का बारीकी से निरीक्षण किया।
‘प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस’ (महाकौशल कॉलेज) को NEET परीक्षा का केंद्र बनाया है, और यहां स्थित इनडोर स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए ‘बैकअप वेन्यू’ के रूप में तैयार किया जा रहा है।
यदि 21 जून की सुबह बारिश होती है, तो मुख्य योग कार्यक्रम इसी 300 क्षमता वाले इनडोर स्टेडियम में स्थानांतरित किया जाएगा। कलेक्टर ने यहां पहुंचकर आपातकालीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। चुनौती यह है कि यदि सुबह योग कार्यक्रम होता है, तो उसके तुरंत बाद दोपहर में इसी परिसर में परीक्षा आयोजित होगी।
पुलिस ने तैयार किया विशेष रूट प्लान
राष्ट्रपति के कार्यक्रम और NEET परीक्षार्थियों के रिपोर्टिंग समय में टकराव नहीं है, फिर भी पुलिस ने यातायात और सुरक्षा के लिए एक विशेष ‘रूट प्लान’ तैयार किया है। जबलपुर के कुल 23 परीक्षा केंद्रों पर 10,426 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
वीआईपी आवाजाही के दौरान विद्यार्थियों को यातायात जाम से बचाने के लिए विशेष निगरानी दल तैनात किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश एडमिट कार्ड दिखाने के बाद ही दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने शहर के प्रमुख चौराहों से दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक परीक्षार्थियों को समय पर पहुंचाने के लिए विशेष बसों की व्यवस्था भी की है।

