मऊ: सरकार द्वारा जन सुविधाओं को देखते हुए प्रत्येक नगर पंचायत और सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाई जाती है, जिससे यात्रियों को सफर करने में आसानी हो. लेकिन मऊ जनपद के वलीदपुर नगर पंचायत में लगभग 90 लाख रुपये की लागत से लगाई गई लगभग 80 स्ट्रीट लाइटें खराब हैं. अब आइए जानते हैं इसको लेकर स्थानीय सभासद और वहां के अधिकारी क्या कहते हैं.
लगभग 90 लाख की लागत से लगी थीं 80 स्ट्रीट लाइटें
लोकल 18 से बात करते हुए नगर पंचायत के मनोनीत सभासद विनोद सोनकर बताते हैं कि लगभग 90 लाख रुपये की लागत से करीब 80 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं, जो कई महीनों से खराब हैं. इस नगर पंचायत में स्ट्रीट लाइट के पोल तो दिख रहे हैं, लेकिन लाइटें गायब हैं, जिससे आम राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है. जबकि शासन-प्रशासन द्वारा स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं ताकि यात्रियों को सफर में कोई परेशानी न हो, लेकिन यहां लोग डर के साए में सफर कर रहे हैं. पूरे नगर पंचायत में लगाई गई अधिकांश लाइटें खराब हैं और कुछ लाइटें गायब हैं. इस संबंध में नगर पंचायत कार्यालय से लेकर अन्य अधिकारियों तक शिकायत दी गई, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई.
अंधेरे में डर के साए में चल रहे यात्री
विनोद सोनकर बताते हैं कि इस सड़क पर पहले अक्सर छिनैती की घटनाएं होती थीं, और लोग डर के साए में चलते थे या तो किसी के साथ आते-जाते थे. जब स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं तो लगा कि अब यह समस्या दूर हो जाएगी और लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी. कई वर्षों तक तो लाइटें खराब होने पर तुरंत ठीक कर दी जाती थीं, लेकिन जब नगर पंचायत अध्यक्ष सावित्री देवी बनीं, तब से लाइटें खराब होती गईं और पोल से लाइटें गायब होती गईं. आज तक स्ट्रीट लाइटों को ठीक नहीं किया गया है. पोल तो दिखाई दे रहे हैं, लेकिन लाइटें गायब हैं, जिसके कारण सड़कों पर अंधेरा रहता है और लोगों को हादसों का डर बना रहता है. अगर यह लाइटें जल्द नहीं ठीक की गईं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष के कार्यकाल में नहीं बदली गई लाइट
सभासद अंसारुल हक बताते हैं कि पहले के कार्यकाल में तीन साल पहले लाइटों की नियमित मरम्मत की जाती थी और उनकी जांच होती थी. सभी लगाई गई लाइटें ठीक से जलती थीं. लेकिन जब से नगर पंचायत अध्यक्ष सावित्री गुप्ता का कार्यकाल शुरू हुआ है, तब से अब तक कोई लाइट नहीं जली है. नए लाइट लगाने के लिए टेंडर किए गए, लाइटें आईं भी, लेकिन लगाई नहीं गईं. आरटीआई के माध्यम से सूचना मांगी गई तो बताया गया कि लगभग 200 लाइटें उपलब्ध हो चुकी हैं, लेकिन वे कहां लगाई गई हैं, इसकी जानकारी नहीं दी गई. ऐसे में पूरे नगर पंचायत के लोग अंधेरे में डर के साए में चल रहे हैं.
अधिशासी अधिकारी बोले-जल्द ठीक कराई जाएंगी लाइटें
नगर पंचायत वलीदपुर के अधिशासी अधिकारी वैभव सिंह ने बताया कि हाल ही में उन्होंने इस नगर पंचायत में कार्यभार संभाला है. यदि सड़कों पर लाइटें नहीं जल रही हैं और पोल से लाइटें गायब हैं, तो इसकी जांच कराकर तुरंत लाइटें लगवाई जाएंगी. यदि लाइटें खराब हैं तो उनकी मरम्मत कराई जाएगी, और यदि वे ठीक नहीं हो सकतीं तो नया टेंडर कराकर सभी लाइटें लगाई जाएंगी. सड़कों पर उजाले की व्यवस्था जल्द से जल्द कर दी जाएगी.

