Thursday, June 4, 2026
Homeदेशचीन की ह‍िमाकत पर अरुणाचल के सीएम बोले- यह 1962 वाला दौर...

चीन की ह‍िमाकत पर अरुणाचल के सीएम बोले- यह 1962 वाला दौर नहीं


Last Updated:

अरुणाचल के सीएम पेमा खांडू ने चीन के दावों को खारिज कर कहा, हमारी सीमा तो चीन से लगती ही नहीं. हमारी सीमा तो तिब्बत से लगती है. उन्‍हें याद रखना चाह‍िए क‍ि यह 1962 का दौर नहीं. मोदी सरकार में बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है.

Zoom

अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू.

चीन बार-बार अरुणाचल प्रदेश को अपना ह‍िस्‍सा बताता है. यहां तक क‍ि अरुणाचल प्रदेश के कई जगहों के नाम भी खुद बदलता रहता है. एक बार फ‍िर जब उसने यह ह‍िमाकत की तो अरुणाचल प्रदेश के मुख्‍यमंत्री पेमा खांडू ने उसे जवाब द‍िया है. पेमा खांडू ने कहा क‍ि चीन कौन होता है, हमारे बारे में बात करने वाला. हमारा बॉर्डर तो चीन नहीं लगता. हमारा र्बॉर्डर तो त‍ि ब्‍बत से लगता है. सीएम पेमा खांडू ने चीन को 1962 का वक्‍त याद द‍िलाया.

अरुणाचल प्रदेश के सीएम ने कहा, अरुणाचल प्रदेश बेहद सुरक्षित है, और हमारी सीमा चीन से नहीं, बल्कि तिब्बत से लगती है. हमारा बॉर्डर केवल त‍िब्‍बत से लगता है. यह 1962 वाला दौर नहीं है. उस दौर के इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर की तुलना आज के इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर से करना सरासर गलत है. यह 2026 का युग है – नए भारत और विकसित भारत का युग. आजकल, हमारे सभी बॉर्डर इलाकों में कश्मीर क्षेत्र से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक, मैं विशेष रूप से सभी उत्तरी सीमाओं की बात कर रहा हूं, जबरदस्‍त काम हुआ है.

चीन के दावों को हम गंभीरता से नहीं लेते

पेमा खांडू ने बॉर्डर इलाकों में हुए काम की तारीफ करते हुए कहा क‍ि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के विकास को जिस तरह से बढ़ावा दिया है, उससे ये क्षेत्र अत्यधिक सुलभ हो गए हैं. अब ऐसी सुव‍िधाएं हो गई हैं, जब हमारी फौज को तुरंत मदद म‍िल सकती है. फौज तुरंत एक्‍शन ले सकती है. रही बात चीन के दावे क‍ी तो यह हमारे ल‍िए कोई नई बात नहीं है और हम इस तरह के दावों की परवाह नहीं करते. हम इसे गंभीरता से नहीं लेते…

चीन की ह‍िमाकत को भारत ने बताया शरारत

हाल ही में चीन ने एक बार फिर अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा दोहराते हुए वहां के कई स्थानों के नाम बदलने की सूची जारी की थी. बीजिंग अरुणाचल प्रदेश को जांगनान यानी दक्षिण तिब्बत का हिस्सा बताता है और दावा करता है कि यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से तिब्बत से जुड़ा रहा है. अप्रैल 2026 में चीन ने अरुणाचल प्रदेश के भीतर स्थित कई पहाड़ों, दर्रों, नदियों और बस्तियों को नए चीनी नाम दिए. भारत ने इस कदम को शरारतपूर्ण और काल्पनिक दावों पर आधारित बताते हुए खारिज कर दिया और स्पष्ट कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा.

About the Author

authorimg

Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments