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Liquor Permit News: मिजोरम में मिजोरम लिकर प्रोहिबिशन अमेंडमेंट एक्ट 2025 के तहत मेडिकल आधार पर शराब के लिए रेड कार्ड अनिवार्य हो गया है. अगर आपको शराब पीनी होगी तो इसके लिए सरकार ने एक साल के परमिट की फीस 5000 रुपये तय की है. यानी आपको शराब पीने के लिए अब जेब ढीली करनी होगी.
मिजोरम में एक्सेस एक्ट में बदलाव किए हैं (Photo:AI)
नई दिल्ली. ड्राई स्टेट मिजोरम में अब शराब गटकने के लिए सरकार ने नया नियम लागू कर दिया है. राज्य सरकार ने ‘मिजोरम लिकर (प्रोहिबिशन) अमेंडमेंट एक्ट 2025’ के तहत उन लोगों को ‘रेड कार्ड’ यानी विशेष परमिट देने का फैसला किया है जिन्हें डॉक्टर की सलाह या मेडिकल ग्राउंड्स पर शराब की जरूरत मानी जाएगी.
किसे मिलेगा रेड कार्ड?
एक्साइज और नारकोटिक्स विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, यह रेड कार्ड सेक्शन 45B(1) के तहत उन आवेदकों को जारी किया जाएगा जिनकी स्वास्थ्य स्थिति ऐसी हो कि डॉक्टर की सलाह पर उन्हें शराब रखने और सीमित मात्रा में सेवन करने की मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत हो. यानी यह कार्ड आम शौकिया पीने वालों के लिए नहीं बल्कि मेडिकल वजहों से शराब की जरूरत जताने वालों के लिए है.
कहां से मिलेगा फॉर्म?
रेड कार्ड के लिए आवेदन फॉर्म पूरे मिजोरम के सभी जिलों में स्थित एक्साइज और नारकोटिक्स दफ्तरों से हासिल किए जा सकेंगे. आवेदन के साथ आवेदक को जरूरी दस्तावेज और मेडिकल आधार प्रस्तुत करने होंगे जिसके बाद विभाग जांच कर परमिट जारी करेगा.
1 साल के लिए वैध, 5,000 रुपये देनी होगी फीस
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, यह रेड कार्ड परमिट 1 साल के लिए मान्य रहेगा. इसके बदले आवेदक को 5000 रुपये की फीस जमा करनी होगी. यानी मेडिकल आधार पर शराब पीने की इजाजत सस्ती नहीं होगी इसके लिए जेब भी ढीली करनी पड़ेगी.
नए कानून में और क्या-क्या प्रावधान?
पिछले साल मार्च में मिजोरम विधानसभा ने कड़े विरोध के बीच 2019 के मिजोरम लिकर (प्रोहिबिशन) एक्ट में संशोधन किया था. इस संशोधन के बाद:-
- – विशिष्ट हस्तियों और देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए विशेष शराब परमिट की व्यवस्था की गई है.
- – राज्य में स्थानीय कृषि और बागवानी उत्पादों से तैयार वाइन और फ्रूट बीयर के निर्माण, बिक्री और सप्लाई को भी अनुमति दी गई है.
- इन उत्पादों में केवल स्थानीय स्तर पर उगाए जाने वाले अदरक, केला, ड्रैगन फ्रूट, पैशन फ्रूट, अनानास, आंवला, अमरूद, करम्बोला (स्टारफ्रूट), गन्ना, कटहल, तरबूज और हनीड्यू मेलन जैसे फल और फसलें शामिल होंगी. यानी बाहरी या रासायनिक मिश्रित शराब के बजाय स्थानीय उत्पादों पर आधारित वाइन और फ्रूट बीयर को बढ़ावा दिया जाएगा.
पूरी तरह ड्राई से नियंत्रित व्यवस्था की ओर
मिजोरम लिकर (प्रोहिबिशन) एक्ट 2019 पिछली मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) सरकार के समय लागू हुआ था, जिसमें शराब या किसी भी तरह के अल्कोहल से जुड़े पदार्थों के निर्माण, बिक्री, खपत और आयात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया था. अब संशोधित कानून के तहत:-
- – मेडिकल आधार पर ‘रेड कार्ड’ के जरिए सीमित और नियंत्रित शराब सेवन की अनुमति.
- – खास वर्गों और पर्यटकों के लिए विशेष परमिट
- – और स्थानीय फलों से बने वाइन व फ्रूट बीयर के उत्पादन की इजाजत देकर सरकार ने पूर्ण प्रतिबंध से थोड़ा नरम, लेकिन नियंत्रित ढांचा अपनाया है.
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अरुण बिंजोला इस वक्त न्यूज 18 में बतौर एसोसिएट एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. वह करीब 15 सालों से पत्रकारिता में सक्रिए हैं और पिछले 10 सालों से डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं. करीब एक साल से न्यूज 1…और पढ़ें

