लखनऊ के रिवर बैंक कॉलोनी स्थित इंजीनियर्स भवन में शनिवार को ‘गुड हेल्थ एंड वेल-बीइंग’ विषय पर एक तकनीकी व्याख्यान आयोजित किया गया। इसका आयोजन इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), यू.पी. स्टेट सेंटर ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक संतुलन और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इसमें अभियंताओं, विद्यार्थियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। मुख्य वक्ता डॉ. चारु रावत ने अपने संबोधन में कहा कि बदलती जीवनशैली में अच्छा स्वास्थ्य सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करके कई बीमारियों से बचने के उपाय बताए। राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों पर चर्चा डॉ. रावत ने जोर दिया कि स्वस्थ जीवनशैली केवल व्यक्तिगत आवश्यकता नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास के लिए भी अनिवार्य है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) का जिक्र करते हुए बताया कि ‘गुड हेल्थ एंड वेल-बीइंग’ इन लक्ष्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना और स्वास्थ्य संबंधी असमानताओं को कम करना है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण तथा स्वच्छता पर बल दिया। स्वस्थ किसी भी राष्ट्र की वास्तविक ताकत डॉ. रावत ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला और कहा कि तकनीक तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से दूर-दराज के लोगों तक भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाई जा सकती हैं। उन्होंने युवाओं और अभियंताओं से स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार विकसित करने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व अध्यक्ष इं. मसर्रत नूर खान ने कहा कि एक स्वस्थ समाज ही किसी भी राष्ट्र की वास्तविक ताकत होता है। उन्होंने तकनीकी और सामाजिक संस्थाओं से स्वास्थ्य, पर्यावरण तथा मानव कल्याण के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने का आग्रह किया।
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लखनऊ में ‘गुड हेल्थ एंड वेल-बीइंग’ पर तकनीकी व्याख्यान: स्वस्थ जीवनशैली पर दिया गया जोर – Lucknow News
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