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जसराना से एटा के लिए जाने वाले बाईपास की समस्या आम लोगों के सिरदर्द बन गई है. लोकल 18 ने मौके पर जाकर देखा और क्षेत्रीय लोगों से बातचीत की. इस दौरान अंशुल विक्रम सिंह ने कहा कि जसराना का ये बाईपास अधिकारियों की मनमानी की भेंट चढ़ रहा है. सरकार कहती है कि सड़कों को गड्ढा मुक्त करो, नए नए बाईपास बनाओ, एक्सप्रेसवे बनाओ लेकिन उनके ही अधिकारी आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं. जिसका एक सबूत जसराना का ये पुराना बाईपास है.
फिरोजाबाद: यूपी में सरकार द्वारा नए बाईपास और एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं, जिससे जनता को यातायात में कोई परेशानी न हो. लेकिन फिरोजाबाद के जसराना में बाईपास की हालत बेहद खराब है. यहां के लोग खराब सड़क की वजह से मार्केट से होकर गुजरते हैं. पिछले कई सालों से क्षेत्रीय लोगों द्वारा इसे ठीक कराने के लिए शिकायतें की जा रही हैं लेकिन कही कोई सुनवाई नहीं कर रहा है. इस बाईपास पर रोजाना हादसे होते हैं और बरसात के मौसम में तो निकलना ही मुश्किल हो जाता है. इससे लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
दस साल से बदहाल है ये बाईपास
जसराना से एटा के लिए जाने वाले बाईपास की समस्या आम लोगों के सिरदर्द बन गई है. लोकल 18 ने मौके पर जाकर देखा और क्षेत्रीय लोगों से बातचीत की. इस दौरान अंशुल विक्रम सिंह ने कहा कि जसराना का ये बाईपास अधिकारियों की मनमानी की भेंट चढ़ रहा है. सरकार कहती है कि सड़कों को गड्ढा मुक्त करो, नए नए बाईपास बनाओ, एक्सप्रेसवे बनाओ लेकिन उनके ही अधिकारी आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं. जिसका एक सबूत जसराना का ये पुराना बाईपास है. इस बाईपास की हालत पिछले दस सालों से खराब है. सड़कों में गहरे गहरे गड्ढे हैं, बाइक और कार वाले लोग यहां से होकर गुजरते नहीं है.
अगर कोई निकलने का प्रयास करे तो इन गहरे गड्ढों में फंस जाता है या गिरकर घायल हो जाता है.वही पीपल में रहने वाले व्यक्ति ने बताया कि हम रोजाना इसी सड़क से गुजरते हैं.हमने देखा है कि आए दिन इस बाईपास पर सड़क हादसे होते हैं.रोजाना लोग गिरकर घायल हो जाते हैं.अधिकारियों को इसे ठीक कराने के लिए कई बार प्रार्थना पत्र दिए गए हैं.लेकिन कोई नहीं सुनता है.हमारी मांग है कि इसे जल्द से जल्द ठीक कराया जाए.
बजट आने के बाद भी अधिकारियों नहीं बना रहे बाईपास
जसराना के समाजसेवी लोधी देवेंद्र सिंह ने कहा कि मैं राजस्थान से अपने पैतृक गांव आया हूं. यहां पिछले दस साल से इस बाईपास को गड्ढों में देख रहा हूं. अधिकारी आते हैं यहां से गुजरते हैं और चले जाते हैं. लेकिन किसी ने इसे ठीक कराने की कोशिश नहीं की. इस खराब बाईपास की वजह से लोगों को अंदर मार्केट से होकर गुजरना पड़ता है जिससे अंदर जाम के हालात बन जाते हैं. भयंकर धूल उड़ती है और लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत होती है. अगर ये बाईपास बन जाए तो लोगों को बहुत राहत मिलेगी.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

