Last Updated:
डिफेंस और शिपबिल्डिंग सेक्टर की कंपनी स्वान डिफेंस एंड हेवी इंडस्ट्रीज ने पिछले डेढ़ साल में शेयर बाजार में ऐसा धमाका किया है, जिसने छोटे निवेशकों को भी चौंका दिया है. कभी 50 रुपये के आसपास ट्रेड करने वाला यह शेयर अब 1900 रुपये के ऊपर पहुंच चुका है. इसी वजह से यह शेयर 2026 के सबसे चर्चित मल्टीबैगर स्टॉक्स में शामिल हो गया है. हालांकि कंपनी अभी पूरी तरह मुनाफे में नहीं आई है, लेकिन डिफेंस सेक्टर में तेजी, बड़े ऑर्डर्स और टर्नअराउंड की उम्मीदों ने इसमें जबरदस्त रैली पैदा कर दी है.
कुछ निवेशकों को इसमें 3500 फीसदी से भी ज्यादा रिटर्न मिला है. (AI)
नई दिल्ली. शेयर बाजार में कई बार ऐसे स्टॉक्स देखने को मिलते हैं जो कुछ ही महीनों में निवेशकों की किस्मत बदल देते हैं. स्वान डिफेंस एंड हेवी इंडस्ट्रीज भी ऐसा ही एक नाम बन चुका है. यह वही कंपनी है जिसे पहले रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग और पिपावाव शिपयार्ड के नाम से जाना जाता था. अब कंपनी नए मैनेजमेंट और नई पहचान के साथ डिफेंस सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रही है. कभी 50 रुपये के आसपास ट्रेड करने वाला यह शेयर अब 1900 रुपये से ऊपर पहुंच चुका है. यानी कुछ निवेशकों को इसमें 3500 फीसदी से भी ज्यादा रिटर्न मिला है. यही वजह है कि बाजार में इस शेयर को लेकर जबरदस्त चर्चा बनी हुई है.
जनवरी और फरवरी 2025 के दौरान यह शेयर करीब 51 से 52 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था. वहीं 27 मई 2026 को इसका भाव करीब 1950 रुपये तक पहुंच गया. इस हिसाब से निवेशकों को करीब 3680 फीसदी से 3720 फीसदी तक का रिटर्न मिला है. अगर किसी निवेशक ने उस समय इस शेयर में 1 लाख रुपये लगाए होते, तो आज उसकी वैल्यू करीब 37 लाख रुपये तक पहुंच सकती थी.
कंपनी क्या काम करती है
स्वान डिफेंस एंड हेवी इंडस्ट्रीज भारत की बड़ी प्राइवेट शिपबिल्डिंग कंपनियों में शामिल है. कंपनी जहाज निर्माण, जहाज मरम्मत, भारी इंजीनियरिंग और डिफेंस वेसल्स बनाने का काम करती है. कंपनी का शिपयार्ड देश के सबसे बड़े शिपयार्ड्स में गिना जाता है. डिफेंस सेक्टर में सरकार के बढ़ते फोकस और मेक इन इंडिया अभियान से इस सेक्टर को बड़ा फायदा मिल रहा है.
अभी भी घाटे में चल रही कंपनी
तेजी के बावजूद कंपनी अभी पूरी तरह मजबूत वित्तीय स्थिति में नहीं पहुंची है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की कमाई अभी भी सीमित रही है और कंपनी घाटे में चल रही है. वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी को करीब 33 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. हालांकि कंपनी के पास अच्छा ऑर्डर बुक बताया जा रहा है और कई विदेशी ऑर्डर्स मिलने की चर्चा है. इसी उम्मीद पर निवेशक इस शेयर में लगातार पैसा लगा रहे हैं.
डिफेंस सेक्टर की तेजी का मिला फायदा
भारत सरकार इस समय डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और शिपबिल्डिंग सेक्टर पर बड़ा फोकस कर रही है. इसी वजह से मझगांव डॉक, कोचीन शिपयार्ड और दूसरे डिफेंस शेयरों में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली है. स्वान डिफेंस को भी इसी सेक्टरल तेजी का बड़ा फायदा मिला. बाजार में यह उम्मीद भी बनी हुई है कि आने वाले समय में कंपनी को नए डिफेंस और एक्सपोर्ट ऑर्डर्स मिल सकते हैं.
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा जोखिम
विशेषज्ञों का कहना है कि यह शेयर अभी भी हाई रिस्क कैटेगरी में आता है. कंपनी पूरी तरह मुनाफे में नहीं आई है और वैल्यूएशन काफी महंगा माना जा रहा है. इसके अलावा इस शेयर में उतार चढ़ाव बहुत ज्यादा है. जिस तेजी से यह ऊपर गया है, उसी तेजी से गिरावट का खतरा भी बना रहता है. अब बाजार की नजर कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजों और संभावित फंड जुटाने की योजनाओं पर टिकी हुई है. आने वाले महीनों में कंपनी की कमाई और नए ऑर्डर्स तय करेंगे कि यह तेजी आगे भी जारी रहती है या नहीं.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले एक्सपर्ट से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
About the Author

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें

