झारखंड की पारंपरिक खानपान संस्कृति में कई खास व्यंजन शामिल हैं. इन्हीं में से एक प्रसिद्ध पकवान है ‘ओकोपोको’.इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि भीषण गर्मी में भी यह महीनों तक खराब नहीं होता. ओकोपोको बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. इसे मुख्य रूप से गेहूं का आटा, गुड़ और घी से तैयार किया जाता है. सबसे पहले आटे में गुड़ मिलाया जाता है. इसमें पानी का इस्तेमाल नहीं किया जाता, बल्कि गुड़ की नमी और घी से ही मिश्रण तैयार किया जाता है. इसके बाद छोटे-छोटे गोले बनाकर धीमी आंच पर घी या तेल में तला जाता है. धीरे-धीरे पकने पर इसका रंग सुनहरा भूरा हो जाता है और इसकी खुशबू लोगों को आकर्षित करती है. ठंडा होने के बाद इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.

