उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के दौरान यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की मौत का सिलसिला जारी है। यमुनोत्री धाम में बुधवार को दो और श्रद्धालुओं की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। इसके साथ ही इस यात्रा सीजन में अकेले यमुनोत्री धाम में मरने वालों की संख्या 11 हो गई है। गंगोत्री धाम में भी अब तक 8 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। दोनों धामों को मिलाकर कुल मृतकों का आंकड़ा 19 पहुंच गया है। अधिकतर मामलों में प्रारंभिक कारण हार्ट अटैक या अचानक तबीयत बिगड़ना बताया गया है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार यात्रियों को स्वास्थ्य जांच कराने, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और अस्वस्थ महसूस होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दे रहे हैं। यात्रा फिलहाल सुचारु रूप से जारी है। महाराष्ट्र और गुजरात के श्रद्धालुओं की मौत मृतकों की पहचान महाराष्ट्र के अमरावती निवासी 64 वर्षीय वंदना विजय सिंह बघेल और गुजरात के भावनगर निवासी 68 वर्षीय पटेल नितिनभाई बलूभाई के रूप में हुई है। दोनों श्रद्धालु 21 मई 2026 को यमुनोत्री धाम में दर्शन के लिए पहुंचे थे। दर्शन के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जानकीचट्टी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों की मौत का संभावित कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यमुनोत्री में सबसे ज्यादा मौतें चारधाम यात्रा के मौजूदा सीजन में यमुनोत्री धाम में अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और यात्रियों की फिटनेस को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन का कहना है कि अधिकतर मृतकों की उम्र 60 वर्ष से ऊपर रही है और कई मामलों में पहले से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी सामने आई हैं। गंगोत्री में भी 8 श्रद्धालुओं की जान गई गंगोत्री धाम में भी यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 8 श्रद्धालुओं की मौत दर्ज की गई है। दोनों धामों को मिलाकर कुल मौतों का आंकड़ा 19 तक पहुंच चुका है। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य जांच, मेडिकल कैंप और एंबुलेंस सेवाएं बढ़ाई गई हैं, लेकिन ऊंचाई और मौसम के कारण बुजुर्ग यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। आज यमुनोत्री में 22 हजार, गंगोत्री में 25 हजार पंजीकरण चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है। बुधवार को यमुनोत्री धाम के लिए 22 हजार और गंगोत्री धाम के लिए 25 हजार पंजीकरण दर्ज किए गए। यमुनोत्री धाम के कपाट सुबह 6:30 बजे पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मौसम साफ रहने से यात्रा सामान्य रूप से संचालित हो रही है और धामों में भीड़ भी सामान्य बनी हुई है।
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