Thursday, May 7, 2026
Homeराज्यदिल्लीJNU में नारे लगे- मोदी-शाह की कब्र खुदेगी: शरजील-उमर के समर्थन...

JNU में नारे लगे- मोदी-शाह की कब्र खुदेगी: शरजील-उमर के समर्थन में प्रदर्शन, दिल्ली दंगा केस में कल जमानत नामंजूर हुई थी


  • Hindi News
  • National
  • Delhi JNU Protest Slogan Viral Video; Narendra Modi Amit Shah | Umar Khalid Delhi Riots

नई दिल्ली42 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

वीडियो 35 सेकंड का है। बताया जा रहा है कि 5 जनवरी 2026 को इसे JNU कैंपस में रिकॉर्ड किया गया था।

दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में नारेबाजी का वीडियो मंगलवार को सामने आया।

वीडियो 35 सेकेंड का है। इसमें छात्र ‘मोदी-शाह की कब्र खुदेगी, जेएनयू की धरती पर’ नारे लगाते और गाते दिखे।

ऐसा कहा जा रहा है कि ये छात्र उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत नामंजूर होने का विरोध कर रहे थे। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

हालांकि JNU स्टूडेंट्स यूनियन की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने कहा कि हर साल छात्र 5 जनवरी 2020 को कैंपस में हुई हिंसा की निंदा करने के लिए विरोध प्रदर्शन करते हैं।

मिश्रा ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि विरोध प्रदर्शन में लगाए गए सभी नारे वैचारिक थे और किसी पर व्यक्तिगत हमला नहीं थे। वे किसी के लिए निर्देशित नहीं थे।

दिल्ली पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने भी कहा है कि नारों के संबंध में अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है।

कांग्रेस नेता बोले- ये गुस्सा जाहिर करने का तरीका है

JNU कैंपस में PM मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि यह गुस्सा जाहिर करने का एक तरीका है। 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ JNU में गुस्सा है। उमर खालिद और शरजील इमाम के साथ ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वे मुसलमान हैं। उमर खालिद और शरजील इमाम के साथ नाइंसाफी हुई है। SC का फैसला बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

5 जनवरी 2020 को क्या हुआ था…

JNU कैंपस में 5 जनवरी 2020 को हिंसा भड़क गई थी। कुछ नकाबपोश लोगों ने कैंपस में घुसकर तीन हॉस्टलों में छात्रों को निशाना बनाया। उन पर लाठियों, पत्थरों और लोहे की छड़ों से हमला किया। निवासियों को मारा और खिड़कियां, फर्नीचर और निजी सामान तोड़ दिए।

लगभग दो घंटे तक कैंपस में अराजकता फैली रही, जिसमें JNU स्टूडेंट्स यूनियन की अध्यक्ष आइशी घोष सहित कम से कम 28 लोग घायल हुए थे।

दिल्ली पुलिस पर भी कैंपस में हिंसा करने वालों पर कार्रवाई न करने और FIR में घोष सहित छात्र संघ नेताओं का नाम होने पर पक्षपात का आरोप लगा था।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों के आरोपी उमर-शरजील को जमानत नहीं दी

दरअसल, 2020 में हुए दिल्ली दंगों के केस में शरजील इमाम 28 जनवरी 2020 से और उमर 13 सितंबर 2020 से जेल में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी 2026 को उमर और शरजील की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने दोनों को इस केस में एक साल तक नई जमानत याचिका दाखिल करने से भी रोक दिया है।

इन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में उन्हें गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत जमानत देने से इनकार किया गया था।

उमर जमानत के लिए निचली अदालत से सुप्रीम कोर्ट तक 6 बार याचिका लगा चुका है। दिल्ली में फरवरी, 2020 में हिंसा भड़की थी। इसमें 53 लोगों की मौत हुई थी। 250 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 750 से ज्यादा FIR दर्ज की गईं। पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments