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Dhaulpur news: धौलपुर में 42 डिग्री गर्मी के बीच शिक्षक संगठनों ने सर्किट हाउस गेट पर जल मंदिर प्याऊ शुरू की, 12 साल से चल रही यह सेवा 4 से 5 महीने रोज ठंडा पानी देगी. शिक्षक राजेश शर्मा ने बताया कि धौलपुर जिले के अलग-अलग गांवों और कस्बों से रोज बड़ी संख्या में लोग शहर में आते हैं. तेज गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए शिक्षक संगठनों ने राहगीरों की सुविधा के लिए यह प्याऊ शुरू की है.
धौलपुर. राजस्थान में इस समय भीषण गर्मी का असर साफ देखने को मिल रहा है. धौलपुर जिले में तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच चुका है. ऐसे में जहां सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां हो चुकी हैं, वहीं शिक्षक अब भी समाज सेवा के काम में जुटे हुए हैं. धौलपुर के शिक्षकों ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश करते हुए राहगीरों के लिए ठंडे पानी की प्याऊ शुरू की है.
शिक्षक संगठनों की ओर से धौलपुर सर्किट हाउस के मुख्य गेट के पास सार्वजनिक शीतल जल प्याऊ ‘जल मंदिर’ का संचालन शुरू किया गया है. खास बात यह है कि शिक्षक पिछले 12 वर्षों से लगातार इस सेवा कार्य को निभा रहे हैं. भीषण गर्मी में आने-जाने वाले लोगों को यहां निशुल्क ठंडा और शुद्ध पानी पिलाया जाएगा, ताकि उन्हें राहत मिल सके.
गर्मी में राहत देने के लिए शुरू की सेवा
गर्मी के मौसम में तेज धूप और लू लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है. ऐसे समय में शुद्ध और ठंडा पानी किसी अमृत से कम नहीं माना जाता. डॉक्टर भी गर्मियों में अधिक पानी पीने की सलाह देते हैं, क्योंकि इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती और लू लगने का खतरा कम हो जाता है. इसी सोच के साथ शिक्षकों ने यह सेवा शुरू की है.
शिक्षक राजेश शर्मा ने बताया कि धौलपुर जिले के अलग-अलग गांवों और कस्बों से रोज बड़ी संख्या में लोग शहर में आते हैं. तेज गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए शिक्षक संगठनों ने राहगीरों की सुविधा के लिए यह प्याऊ शुरू की है. यहां लोगों को साफ, ठंडा और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है.
चार से पांच महीने तक चलेगी प्याऊ
उन्होंने बताया कि यह प्याऊ सुबह से लेकर शाम तक लगातार संचालित रहेगी. आने वाले चार से पांच महीनों तक इसका संचालन किया जाएगा, ताकि गर्मी के पूरे मौसम में लोगों को राहत मिल सके. राहगीरों ने भी शिक्षकों की इस पहल की सराहना की है और कहा कि इस तरह की सेवा गर्मी में लोगों के लिए बड़ी मदद साबित होती है.
भीषण गर्मी के बीच धौलपुर के शिक्षकों की यह पहल न सिर्फ समाज सेवा का उदाहरण है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि शिक्षक केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा में भी हमेशा आगे रहते हैं.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

