Tuesday, May 12, 2026
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सोशल मीडिया पर लीक हुआ प्राइवेट फोटो 2 घंटे के अंदर होगा डिलीट, नियम हुए सख्त


सरकार ने आईटी नियमों में एक बार फिर से सख्ती की है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ प्राइवेट फोटो/वीडियो अब 2 घंटे के अंदर डिलीट कर दिए जाएंगे। इसे हटाने के लिए अब कई दिनों तक का इंतजार नहीं करना होगा। सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को इसे लेकर सख्त आदेश दिए हैं। इंस्टाग्राम, यूट्यूब, एक्स, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को इसे लेकर निर्देश जारी कर दिए गए हैं। हालांकि, कंपनियों की तरफ से इसे लेकर फिलहाल कोई स्टेटमेंट जारी नहीं किया गया है।

सरकार ने क्यों लिया फैसला?

पिछले कुछ सालों में डीपफेक और एआई जेनरेटेड कंटेंट तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलाए जा रहे हैं। एआई के जरिए लोगों के फर्जी एआई फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे हैं। खासकर महिलाओं और लड़कियों की तस्वीरों को मार्फ करके इन्हें सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं। साइबर क्रिमिनल्स इन तस्वीरों और वीडियो के जरिए लोगों को ब्लैकमेल कर रहे हैं। इसकी वजह से लोग ऑनलाइन ट्रोलिंग और मानसिक उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं।

सरकार ने पिछले दिनों ही इस खतरे को देखते हुए IT Rules 2026 में बदलाव किया है और इसे सख्त बनाया है। नए नियमों के तहत अगर कोई यूजर किसी भी प्लेटफॉर्म पर बिना सहमति वाले इंटीमेट या डीपफेक फोटो की शिकायत करता है तो सोशल मीडिया कंपनियों को तुरंत कार्रवाई करनी होगी। कई मामलों में 2 घंटे के अंदर कंटेंट को प्लेटफॉर्म से हटाने के लिए कहा गया है।

वहीं, सरकारी या कोर्ट ऑर्डर वाले मामले में 3 घंटे के अंदर एक्शन लेते हुए कंटेंट को हटाना होगा। नई रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया पर लीक हुए 75% ऐसे कंटेंट की शिकायत मिलने पर महज दो घंटे के अंदर हटाया जा रहा है। पहले इसके लिए 24 घंटे से लेकर कई दिनों तक का इंतजार करना पड़ता था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इसके लिए फास्ट मॉडरेशन टूल, एआई डिटेक्शन टूल और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

AI कंटेंट पर भी सख्ती

नए आईटी नियमों में AI कंटेंट को लेकर सख्ती की गई है। नए नियम के मुताबिक, एआई जेनरेटेड कंटेंट को साफ तौर पर विजिबल लेबल के साथ पब्लिश करने के लिए कहा गया है, ताकि लोगों आसानी से समझ सके कि फोटो या वीडियो असली नहीं है। वहीं, सिंथेटिक या एआई जेनरेटेड मीडिया पर मार्किंग अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने नए नियमों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी बढ़ा दी है। अगर, कोई यूजर सोशल मीडिया पर फैले किए कंटेंट को लेकर शिकायत करता है तो कंपनी को तुरंत एक्शन लेना होगा।

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