Thursday, June 11, 2026
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9 सवालों पर अटका सेबी का केस, ₹15 लाख करोड़ के विवाद पर राजेश मेहता का जवाब


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सेबी (SEBI) की जांच का सामना कर रही राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) ने रेगुलेटर के आरोपों पर खुलकर जवाब दिया है. कंपनी के चेयरमैन राजेश मेहता (Rajesh Mehta) का कहना है कि हजारों सवालों और स्पष्टीकरणों के बाद अब केवल 9 मुद्दे ही लंबित हैं. सबसे बड़ा विवाद 15.15 लाख करोड़ रुपये के कथित राजस्व बढ़ाकर दिखाने के आरोप से जुड़ा है, जिस पर कंपनी ने कहा है कि यह सेबी द्वारा वित्तीय आंकड़ों की गलत व्याख्या का नतीजा है और उनके पास हर लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड मौजूद है.

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विदेशी सहायक कंपनियों के वित्तीय दस्तावेज कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं होने के मुद्दे पर भी सेबी ने आपत्ति जताई थी.

नई दिल्ली. 15 लाख करोड़ रुपये के फ्रॉड वाले मामले में फंसे राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) के प्रमोटर राजेश मेहता ने सामने आकर अपनी सफाई दी है. उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा कि सेबी का पूरा केस केवल 9 सवालों पर टिका है. उनका कहना है कि पिछले ढाई वर्षों के दौरान सेबी द्वारा मांगे गए हजारों स्पष्टीकरणों में से अधिकांश का जवाब दिया जा चुका है और अब केवल नौ सवालों पर चर्चा बाकी है. कंपनी के मुताबिक, सबसे बड़ा विवाद 15.15 लाख करोड़ रुपये के रेवेन्यू को लेकर है, जिसे सेबी ने कथित तौर पर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया राजस्व बताया है. राजेश मेहता का दावा है कि यह पूरा मामला कंपनी की स्विट्जरलैंड स्थित सहायक इकाई वाल्कैम्बी (Valcambi) के वित्तीय आंकड़ों को गलत तरीके से समझे जाने की वजह से पैदा हुआ है.

सेबी के अंतरिम आदेश में कहा गया था कि वित्तीय वर्ष 2021 से 2025 के बीच विदेशी सहायक कंपनियों के जरिए राजेश एक्सपोर्ट्स ने अपने कंसोलिडेटेड राजस्व को 15.15 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया. इस आरोप को खारिज करते हुए राजेश मेहता ने कहा कि रेगुलेटर ने वाल्कैम्बी के एबिटडा (EBITDA) और वास्तविक कारोबार के आंकड़ों को लेकर गलत निष्कर्ष निकाला है. मेहता के अनुसार वाल्कैम्बी का कारोबार दुनिया के सबसे बड़े कीमती धातु रिफाइनिंग कारोबारों में से एक है. कंपनी हर साल करीब 900 टन कीमती धातुओं की प्रोसेसिंग करती है. इसमें 300 टन टोल रिफाइनिंग और लगभग 600 टन धातुओं की खरीद, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और वैश्विक बिक्री शामिल है. उनका कहना है कि पांच वर्षों में करीब 3,000 टन सोने की प्रोसेसिंग हुई, जिसकी कुल वैल्यू लगभग 15.15 लाख करोड़ रुपये बैठती है और इसी आंकड़े को लेकर विवाद खड़ा हुआ है.

प्रमोटर खातों में ट्रांसफर हुए पैसों पर सफाई

जांच के दौरान बैंक रिकॉर्ड में अप्रैल 2020 से सितंबर 2025 के बीच कंपनी से प्रमोटरों के व्यक्तिगत खातों में 338.90 करोड़ रुपये ट्रांसफर होने की बात सामने आई थी. इनमें से 232.40 करोड़ रुपये बाद में वापस भी किए गए थे. इस मुद्दे पर राजेश मेहता ने कहा कि सभी ट्रांजैक्शन पूरी तरह वैध और व्यावसायिक प्रकृति के थे. उन्होंने दावा किया कि किसी भी लेनदेन में फंड डायवर्जन या गड़बड़ी नहीं हुई और हर भुगतान का पूरा रिकॉर्ड और स्पष्टीकरण सेबी को उपलब्ध कराया जा चुका है. कंपनी का कहना है कि इन लेनदेन को रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के तौर पर देखने की जरूरत नहीं है क्योंकि ये सामान्य कारोबारी गतिविधियों का हिस्सा थे.

11,400 करोड़ रुपये के लेनदेन पर भी उठे सवाल

सेबी ने FY22 से FY24 के दौरान एफ्लुएंस शेयर्स एंड स्टॉक्स लिमिटेड (Affluence Shares and Stocks Limited) के साथ हुए करीब 11,400 करोड़ रुपये के खरीद और बिक्री लेनदेन पर भी सवाल उठाए हैं. इसके अलावा एसीसी एनर्जी स्टोरेज (ACC Energy Storage) और प्रमोटर नियंत्रित एलिस्ट प्राइवेट लिमिटेड (Elest Private Limited) के बीच हुए कुछ फंड ट्रांसफर को भी रेगुलेटर ने संदिग्ध माना है. इन आरोपों पर कंपनी का कहना है कि सभी लेनदेन वास्तविक कारोबारी जरूरतों के तहत किए गए थे. राजेश मेहता ने दावा किया कि एक-एक रुपये का पूरा हिसाब, बैंक रिकॉर्ड और दस्तावेज सेबी को सौंप दिए गए हैं और किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है.

वित्तीय जानकारी अपलोड करने को तैयार कंपनी

विदेशी सहायक कंपनियों के वित्तीय दस्तावेज कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं होने के मुद्दे पर भी सेबी ने आपत्ति जताई थी. इस पर राजेश मेहता ने कहा कि यदि नियमों के तहत ऐसी जानकारी सार्वजनिक करना जरूरी है तो कंपनी को इसमें कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने कहा कि फिलहाल कंपनी का पूरा ध्यान सेबी के बचे हुए नौ सवालों का जवाब देने और सभी लंबित मुद्दों को सुलझाने पर है. कंपनी को भरोसा है कि उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और स्पष्टीकरणों के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और विवाद का समाधान निकल आएगा.

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जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें



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