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Muzaffarpur Famous Shikanji: मुजफ्फरपुर के मोतीझील पुल पर दीपक शिकंजी बेचते हैं और इनका ये ड्रिंक लोगों को इतना पसंद आता है कि दिन में 100 से 150 ग्लास की बिक्री आसानी से हो जाती है. दीपक के परिवार में तीन पीढ़ियों से ये काम हो रहा है. लोगों को चिलचिलाती गर्मी में हाइड्रेशन मिलता है और दीपक की बढ़िया कमाई होती है.
मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर में जैसे-जैसे गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ठंडे पेय पदार्थों की मांग भी तेजी से बढ़ने लगी है. शहर के मोतीझील पुल पर इन दिनों शिकंजी बेचने वाले ठेले लोगों को काफी आकर्षित कर रहे हैं. खासकर तेज धूप और उमस भरी गर्मी में लोग राहत पाने के लिए शिकंजी का सहारा ले रहे हैं. मोतीझील पुल पर शिकंजी बेचने वाले दीपक का ठेला इन दिनों लोगों के बीच काफी लोकप्रिय बना हुआ है.
तीन पीढ़ियों से बना रहे शिकंजी
दीपक बताते हैं कि उनका परिवार पिछले तीन पीढ़ियों से शिकंजी बेचने का काम करता आ रहा है. उन्होंने कहा कि जब वह छोटे थे, तब अपने दादाजी के साथ ठेले पर जाकर शिकंजी बेचने में मदद करते थे. समय के साथ यह काम उनके परिवार की पहचान बन गया. दसवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद दीपक ने खुद का ठेला लगाना शुरू कर दिया. आज उनके पिता और वह दोनों अलग-अलग जगहों पर शिकंजी बेचकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं.
दिन में इतनी कमाई
दीपक के अनुसार, गर्मी के मौसम में उनकी बिक्री काफी बढ़ जाती है. वह प्रतिदिन करीब 100 से 150 गिलास शिकंजी बेच लेते हैं. एक गिलास शिकंजी की कीमत 10 रुपये, 15 रुपये और 20 रुपये रखी गई है. दिन भर में उनकी कमाई करीब 1500 से 2000 रुपये तक हो जाती है.
उन्होंने बताया कि अच्छी शिकंजी बनाने के लिए ठंडा पानी, नींबू, काला नमक और जलजीरा का इस्तेमाल किया जाता है. इन सभी चीजों के मिश्रण से तैयार शिकंजी न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि शरीर को तुरंत ताजगी भी देती है. गर्मी में बाहर निकलने वाले लोग शिकंजी पीकर राहत महसूस करते हैं.
शरीर को हाइड्रेट भी रखती है
दीपक का कहना है कि शिकंजी सिर्फ एक पेय पदार्थ नहीं, बल्कि गर्मी में शरीर को स्वस्थ रखने का आसान और सस्ता उपाय भी है. यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ हाइड्रेट रखने में मदद करती है. यही वजह है कि गर्मी बढ़ते ही इसकी मांग तेजी से बढ़ जाती है.
मोतीझील पुल पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग दीपक के ठेले पर पहुंच रहे हैं. दोपहर के समय यहां सबसे अधिक भीड़ देखने को मिलती है. स्थानीय लोग भी मानते हैं कि पारंपरिक तरीके से बनाई गई शिकंजी आज भी गर्मी में सबसे बेहतर राहत देने वाले पेय पदार्थों में शामिल है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें

