jaipur9 मिनट पहले
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जयपुर प्रदेश की राजधानी होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से जूझ रहा है। कहीं जेडीए अप्रूव्ड कॉलोनी होने के बावजूद सालों से सड़कें कच्ची हैं, तो कहीं खुले सीवर चैंबर हादसों को न्यौता दे रहे हैं। शहर के विभिन्न वार्डों और कॉलोनियों के लोग टूटी सड़क, जाम सीवर, फेल कचरा प्रबंधन और अवैध डेयरियों से हो रही गंदगी से त्रस्त हैं। महीनों विभागीय दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी अधिकारियों के ढुलमुल रवैये से आमजन में भी नाराजगी है।
दैनिक भास्कर ऐप के ‘समाधान’ सेगमेंट के जरिए शहरभर से ऐसी ढेरों शिकायतें हमें मिल रही हैं। आमेर रोड, निर्माण नगर और आगरा रोड जैसी जगहों से स्थानीय नागरिकों ने अपनी परेशानी हमसे साझा की है। भास्कर की मुहिम का असर भी दिख रहा है। हरमाड़ा और अशोक मार्ग जैसे इलाकों में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीवर और कचरे की समस्या का समाधान किया है, जिससे सजग अधिकारियों के प्रयासों से जनता को बड़ी राहत मिली है।
(आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।)
आमेर में डेयरी के पशुओं से हो रही गंदगी
जयपुर के जल महल-आमेर रोड के डिफेंस कॉलोनी से रामस्वरूप मीणा ने लिखा कि कॉलोनी में किसी ने अवैध डेयरी खोल रखी है। जिसके कारण पूरे रास्ते में सुबह शाम जाम की स्थिति बनी रहती है। साथ ही रोड पर इन पशुओं के कारण गंदगी भी हो रही है। शिकायत के बावजूद ऐसी अवैध डेयरी संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।

कॉलोनी में अवैध डेयरी के पशुओं से गंदगी और जाम की समस्या।
शिकायतों के बाद भी नहीं सुलझी सीवर की समस्या
निर्माण नगर के जन पथ इलाके से विनीत वशिष्ठ ने लिखा कि 200 फीट अजमेर चौराहा से मानसरोवर मेट्रो की तरफ की सर्विस रोड पर एक सीवर चैंबर खुला हुआ है। कई दिनों से इसकी शिकायत संबंधित विभाग को करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।

खुले सीवर चैम्बर से बना हुआ है हादसे का डर।
सालों से जलभराव और टूटी सड़क से जनता त्रस्त
आगरा रोड के पालड़ी मीणा, सिद्धार्थ नगर से राहुल शर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र में सड़क और सीवर की व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी समस्या हो रही है। यहां 8 सालों से सड़क नहीं बनी है। जिससे मानसून में जलभराव से और भी परेशानी होती है। साथ ही मच्छरों के पनपने से मौसमी बीमारियों का भी खतरा बना रहता है।

स्थानीय लोगों को आठ साल से सड़क बनने का इंतजार।
कॉलोनी जेडीए अप्रूव्ड, लेकिन पक्की सड़क तक नहीं
सांगानेर के शिव विहार कॉलोनी से सौरभ ने लिखा कि हमारी कॉलोनी जेडीए अप्रूव्ड है। इसके बाद भी इस इलाके में सड़क का निर्माण नहीं हो रहा है। पूरे कॉलोनी के लोगों को ऊबड़-खाबड़ और कच्चे रास्ते से घर से काम पर जाना पड़ता है। स्थानीय लोग सालों से परेशान हैं।

जेडीए अप्रूव्ड कॉलोनी में उबड़-खाबड़ रास्तों से लोग परेशान।
सीवर चैंबर की समस्या का हुआ समाधान
जयपुर शहर के हरमाड़ा इलाके से विशाल सिंह ने दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट पर लिखा कि नींदड़ मोड़ गोविंद टावर के पीछे पिछले कई दिनों से सीवर चैंबर टूटा हुआ है। जिसके बाद संबंधित विभाग ने मामले में एक्शन लेते हुए समाधान करवा दिया है।

नींदड़ मोड़ पर खुले सीवर का हुआ समाधान।
कचरे की समस्या का हुआ समाधान
शहर के अशोक मार्ग अग्रसेन सर्कल से योगेंद्र गोस्वामी ने समाधान सेगमेंट पर कचरे की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने लिखा कि सुभाष मार्ग के फुटपाथ पर करीब 20 दिनों से कचरा पड़ा था। समस्या पोस्ट होने के बाद हैल्थ इंस्पेक्टर ने साफ-सफाई करवाकर समाधान करवा दिया है। जिससे लोगों को काफी राहत मिली है।

भास्कर एप में पोस्ट की शिकायत, 20 दिन से पड़ा कचरा उठाया।
मनोज भीवाल बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’
अग्रसेन सर्किल से योगेंद्र गोस्वामी ने फुटपाथ पर करीब 20 दिनों से कचरा पड़ा होने की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने लिखा कि कई दिनों से कचरा उठाने वाली गाड़ी कचरा नहीं उठा रही है। जिसके कारण हर तरफ गंदगी फैली हुई है। भास्कर के समाधान सेगमेंट पर समस्या पोस्ट होने के बाद नगर निगम के स्वास्थ्य निरीक्षक मनोज भीवाल ने सफाई करवा कर समाधान करवा दिया है।

समाधान करने पर हैल्थ इंस्पेक्टर मनोज चुने गए आज ‘पब्लिक के स्टार’
पब्लिक की आवाज बन रहा ‘भास्कर समाधान’
‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है।

आप भी अपनी समस्या हमें एप के जरिए पोस्ट कर सकते हैं।
अधिकारियों तक सीधे पहुंच रहीं जन समस्याएं
दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं।

ऐसे करें अपनी दैनिक भास्कर एप से प्रॉब्लम पोस्ट।

आप अपनी भेजी हुई समस्या को रियल टाइम में मॉनिटर भी कर सकते हैं।

इतना ही नहीं आप समस्या का समाधान होने पर बता भी सकते हैं।
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