डीडवाना शहर के जीवन ज्योति सेवा संस्थान से लापता हुए मंदबुद्धि युवक श्रवण (35) का शव शनिवार सुबह सीवरेज के गंदे पानी और दलदल से बरामद किया गया। यह शव करीब 22 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मिला। श्रवण शुक्रवार सुबह को संस्थान से लापता हो गया था। बताया गया कि जलापूर्ति के लिए पानी की गाड़ी आने के दौरान गेट खुला रह गया था, जिसका फायदा उठाकर श्रवण बाहर निकल गया। कर्मचारियों को उसके लापता होने का पता तब चला जब वह काफी दूर जा चुका था। प्रत्यक्षदर्शियों ने श्रवण को संस्थान के पास स्थित सीवरेज के भराव क्षेत्र और गहरे दलदल की ओर जाते देखा था। इसकी सूचना मिलते ही तहसील प्रशासन, पुलिस, नगर परिषद और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं और युवक की तलाश शुरू की गई। हालांकि, सीवरेज के अत्यधिक गंदे पानी, तेज बदबू और गहरे दलदल के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। स्थानीय स्तर पर कई घंटों की तलाश के बाद भी सफलता नहीं मिली, जिसके बाद जिला प्रशासन ने अजमेर से SDRF की विशेष गोताखोर टीम को बुलाया। अजमेर से पहुंची SDRF टीम ने शुक्रवार शाम को सर्च ऑपरेशन शुरू किया। प्रशिक्षित गोताखोरों ने दलदल और गंदे पानी के बीच कई घंटों तक तलाश की, लेकिन अंधेरा बढ़ने और जोखिम अधिक होने के कारण रात करीब 8 बजे अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। शनिवार को प्रशासन और SDRF की टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान पानी की सतह पर श्रवण का शव तैरता हुआ दिखाई दिया। टीम ने तुरंत शव को बाहर निकाला और एम्बुलेंस से राजकीय बांगड़ जिला अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलने पर अस्पताल परिसर में परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने परिजनों और अन्य लोगों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करवाई और शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस के अनुसार, परिजनों की लिखित रिपोर्ट के आधार पर मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
Source link

