Thursday, May 14, 2026
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सियासी साज‍िश और निजी फायदे के ल‍िए भड़काई गई लेह-लद्दाख में ह‍िंसा, सरकार को मिली अहम जानकारी


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Leh Violence Update: लेह लद्दाख में सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और भड़काऊ बयानों के बाद हिंसा भड़की, सरकारी दफ्तरों में आगजनी हुई, HPC की बैठकें और संवाद जारी हैं, हालात अब काबू में हैं.

लेह में महज कुछ घंटों में उपद्रव‍ियों ने कई दफ्तर जला द‍िए. (Reuters)
लेह लद्दाख में बुधवार को हुई हिंसा में सरकार को बड़ी जानकारी मिली है. लेह और आस-पास के इलाकों में उपद्रव और आगजनी की घटनाओं को लेकर गृहमंत्रालय ने बकायदा स्‍टेटमेंट जारी क‍िया है. सरकार का कहना है क‍ि यह सब स्थानीय एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के उकसावे का नतीजा है. वांगचुक ने अरब स्प्रिंग और नेपाल के जेन-जेड आंदोलन की तर्ज पर माहौल बनाने की कोशिश की, जिससे हालात बिगड़े. प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ सरकारी दफ्तर को निशाना बनाया बल्कि एक राजनीतिक दल के कार्यालय में आगजनी भी की. पुलिस की कार्रवाई के दौरान फायरिंग में कुछ लोगों के मारे जाने की भी खबर है. 30 से ज़्यादा पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक सुरक्षाबलों को चोट आई है. संविधान के दायरे में रहते हुए कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की तैयारी है.

घटनाओं की जड़ में 10 सितंबर 2025 से शुरू हुई सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल बताई जा रही है. उन्होंने लद्दाख को छठी अनुसूची के तहत विशेष दर्जा और राज्य का दर्जा देने की मांग उठाई थी. सरकार का कहना है कि उनकी मांगें पहले से ही उच्चाधिकार प्राप्त समिति (HPC) के एजेंडे में शामिल हैं और उस पर लगातार बातचीत हो रही है.

युवाओं के हक में कई फैसले

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, HPC की बैठकों से अब तक कई ऐतिहासिक फैसले लिए जा चुके हैं. इनमें अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण को 45% से बढ़ाकर 84% करना, परिषदों में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देना और भोटी व पुर्गी भाषाओं को आधिकारिक भाषा घोषित करना शामिल है. इतना ही नहीं, लद्दाख में 1800 पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की गई है.

संवाद की कोशिशें और राजनीति

सरकार का तर्क है कि वह लेह और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस से लगातार संवाद में है. 6 अक्टूबर को HPC की अगली बैठक प्रस्तावित है, जबकि 25 और 26 सितंबर को लद्दाखी नेताओं से विशेष चर्चा भी तय की गई थी. लेकिन, कुछ राजनीतिक हित साधने वाले लोग इस संवाद प्रक्रिया को विफल करने की कोशिश में लगे हुए थे. यही वजह रही कि वांगचुक ने भूख हड़ताल के दौरान अरब स्प्रिंग और नेपाल की जेन-जेड राजनीति का हवाला देते हुए स्थानीय युवाओं को भड़काने की कोशिश की. इस तरह के बयान पूरी तरह भ्रामक थे और इन्हीं से हिंसा का माहौल बना. आज हुई लद्दाख की हिंसा में 30 से ज़्यादा पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक सुरक्षाबलों को चोट आई है.

हिंसा और नियंत्रण

सरकार का दावा है कि सुबह हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के बाद शाम तक हालात काबू में आ गए. हालांकि, शुरुआती घंटों में उपद्रवकारियों ने दफ्तरों और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया. इसी बीच सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म करने का ऐलान भी कर दिया. सरकारी सूत्रों ने साफ किया है कि संवैधानिक ढांचे के भीतर रहते हुए लद्दाख की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं. मगर हिंसा, आगजनी और कानून तोड़ने जैसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group… और पढ़ें

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