जयपुर पूर्व पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ सफलता हासिल करते हुए करोड़ों रुपए के क्रिप्टो लेन-देन से जुड़े एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने 5 करोड़ रुपए से अधिक के साइबर फ्रॉड का खुलासा करते हुए दो मास्टरमाइंड और एक खाता धारक को गिरफ्तार किया है। साइबर फ्रॉड से जुड़े मामले में पुलिस को 10 दिसंबर को मुखबिर की सूचना पर कोर्डन वे होटल, डब्ल्यूटीपी के पीछे मालवीय नगर क्षेत्र में संदिग्ध रूप से खड़े दो युवकों अनिल श्योराण (23 वर्ष) पुत्र राजपाल, निवासी कायमसर, थाना रामगढ़ शेखावटी और अनुराग सिंह ( 22 वर्ष) पुत्र धीसू सिंह उर्फ घनश्याम सिंह, उम्र, निवासी फतेहपुर शेखावटी, जिला सीकर को डिटेन किया गया। पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं देने पर उनके बैग की तलाशी ली गई, जिसमें 1 बैंक पासबुक, 6 चेकबुक, 4 एटीएम कार्ड, एक फर्जी सिम कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। आरोपी बेरोजगार-जरूरतमंद लोगों को पैसे का लालच देकर उनके बैंक खाते कमीशन पर लेते जांच में सामने आया कि आरोपी बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को पैसे का लालच देकर उनके बैंक खाते कमीशन पर लेते थे और उन खातों का उपयोग ऑनलाइन फ्रॉड, साइबर ठगी और यूएसडीटी के जरिए क्रिप्टो ट्रांजेक्शन कर अवैध रकम को वाइट मनी में बदलने के लिए करते थे। समन्वय पोर्टल पर जांच के दौरान आरोपियों से जुड़े 19 बैंक खातों पर देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर ठगी की शिकायतें पाई गईं। दोनों आरोपी शुभम गुप्ता को यूपी से जयपुर बुलाकर बैंक से नगद राशि निकलवाते डीसीपी ईस्ट संजीव नैन (आईपीएस) ने बताया- जांच के दौरान चेकबुक व खातों की तस्दीक के लिए पुलिस टीम को मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) भेजा गया। पुलिस टीम ने आगे कार्रवाई करते हुए मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) से एक खाता धारक शुभम गुप्ता(21 वर्ष) पुत्र कमलकांत गुप्ता, निवासी नवीन नगर, एमडीए कॉलोनी, थाना सिविल लाइन, जिला मुरादाबाद (उ.प्र.) को भी पकड़ा है। पूछताछ में उसने बताया कि अनिल श्योराण और अनुराग सिंह उसे जयपुर बुलाते थे, जहां उसके विभिन्न बैंक खातों में लाखों रुपए क्रेडिट कराए जाते थे। इसके बाद आरोपी उसे गाड़ी में बैंक ले जाकर चेक के माध्यम से नगद राशि निकलवाते थे और आपस में रकम का बंटवारा किया जाता था। सभी दस्तावेज, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बरामद सभी दस्तावेज, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर अनुसंधान जारी है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। जयपुर पूर्व पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी लालच में आकर अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या ओटीपी किसी को न दें। साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।
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