Monday, July 13, 2026
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मटन-चिकन भी फेल! बारिश में जब थाली में सजती है मिथिलांचल की खास सुखौती, जानें रेसिपी


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Mithila Sukhauti Sabji Recipe: मानसून की शुरुआत के साथ ही बाजारों में हरी सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं. ऐसे में मिथिलांचल की पारंपरिक सुखौती यानी सूखी गोभी लोगों के जायके और जेब दोनों का ख्याल रख रही है. सीजन में बेहद सस्ते दामों पर खरीदकर स्टोर की जाने वाली इस गोभी की सब्जी का स्वाद बेमौसम में भी लाजवाब होता है. जानें रेसिपी.

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मधुबनी: मानसून की दस्तक के साथ ही बाजारों में हरी सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं. ऐसे में गृहणियों के लिए रसोई का बजट संभालना एक बड़ी चुनौती बन गया है. लेकिन अगर आप मधुबनी या मिथिलांचल क्षेत्र में हैं. तो इस बेमौसम और महंगी सब्जियों के दौर में भी एक पारंपरिक तरीके से पैसे की बचत और स्वाद दोनों का आनंद ले सकते हैं. इस मौसम में मिथिला के घरों में पारंपरिक रूप से तैयार की जाने वाली सूखी गोभी (सुखौती) और कुम्हर (पेठा) की सब्जी थाली की शान बढ़ा रही है. बेमौसम गोभी की यह सब्जी खाने में बेहद लाजवाब और जायकेदार होती है.

सीजन में 5 रुपये किलो खरीदो और बारिश के लिए करो स्टोर
मिथिलांचल में फूड मैनेजमेंट और बचत की यह परंपरा सदियों पुरानी है. दरअसल जब सर्दियों के सीजन में बाजार में गोभी की भारी आवक होती है. यह बेहद सस्ती महज 5 से 7 रुपये प्रति किलो मिलती है. उस समय यहां के लोग इसे भारी मात्रा में खरीद लेते हैं. गोभी को साफ करके छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है. इसके बाद इसे धूप में अच्छी तरह सुखाकर पूरे साल के लिए स्टोर कर लिया जाता है. जिसे स्थानीय भाषा में सुखौती कहते हैं.बारिश के मौसम में जब हरी सब्जियां सड़ने-गलने लगती हैं. बेहद महंगी हो जाती हैं. तब यह सुखौती संकटमोचक बनती है. इससे पैसे की भारी बचत होती है और बेमौसम में भी गोभी का लजीज स्वाद मिल जाता है.

लाजवाब सुखौती की सब्जी बनाने की पूरी रेसिपी
इस पारंपरिक और स्वादिष्ट सब्जी को बनाने की विधि बेहद सरल है. इसे आप नीचे दिए गए स्टेप्स से अपने घर पर आसानी से तैयार कर सकते हैं. सबसे पहले सूखी गोभी (सुखौती) और आलू को प्रेशर कुकर में डालकर एक या दो सीटी आने तक अच्छी तरह उबाल लें. उबलने के बाद आलू के छिलके उतार लें. अब एक कढ़ाई में थोड़ा सा तेल गर्म करें और उबाली हुई गोभी को हल्का फ्राई करके अलग निकाल लें. अब कढ़ाई में दोबारा तेल गर्म करें. तेल अच्छे से कड़क जाए तो उसमें पांचफोरन, तेजपत्ता और सूखी लाल मिर्च का तड़का लगाएं. जब तड़का चटकने लगे तब इसमें टमाटर, प्याज और लहसुन का बारीक पेस्ट डालकर अच्छी तरह भूनें.

मसाले और आलू का मेल
जैसे ही पेस्ट तेल छोड़ने लगे. इसमें उबले हुए आलुओं को मैश करके डाल दें. इसके साथ ही रसोई के बुनियादी मसाले जैसे हल्दी, नमक, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और गरम मसाला डालें. यदि आप चाहें तो खड़े मसालों को सिलबट्टे पर पीसकर डालेंगे. तो इसका स्वाद दोगुना हो जाएगा.

मसालों के अच्छी तरह भुन जाने के बाद अपनी जरूरत के अनुसार पानी डालें. जब ग्रेवी में अच्छा उबाल आ जाए. तब इसमें पहले से फ्राई करके रखी हुई गोभी डाल दें और धीमी आंच पर कुछ मिनट पकने दें. आपकी गरमा-गरम और खुशबूदार सुखौती की सब्जी पूरी तरह तैयार है. मिथिलांचल में लोग इसे बड़े चाव से उबले हुए चावल (भात) के साथ पूरे परिवार के साथ मिलकर खाते हैं.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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