उज्जैन के चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र स्थित मंगलनाथ मंदिर के सामने रहने वाले संन्यासी गंगेश्वर गिरी की मौत के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और डायल-112 की कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस ने आरोपी कौशिक सोनी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार रतलाम जिले के जावरा निवासी अनिल कुमार जोशी ने सूचना दी थी कि उनके बड़े भाई सुनील जोशी ने वर्ष 2010 में संन्यास ग्रहण कर गंगेश्वर गिरी नाम धारण कर लिया था। वह पिछले डेढ़ वर्ष से मंगलनाथ मंदिर के सामने स्थित एक कुटिया में रह रहे थे। परिजनों की 10 जून को हुई थी बात परिजनों ने बताया कि 10 जून को उनकी गंगेश्वर गिरी से अंतिम बार फोन पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान पीछे से विवाद की आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। 17 जून को जब परिजन कुटिया पहुंचे तो वहां सामान बिखरा हुआ मिला। पूछताछ करने पर पता चला कि 11 जून को कुटिया से गंगेश्वर गिरी का शव बरामद हुआ था। इसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पानी की केन फेंकी थी जांच के दौरान सामने आया कि घटना वाले दिन गंगेश्वर गिरी ने स्वयं डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को बताया था कि कौशिक सोनी ने उन पर पानी की केन फेंकी है, जिससे उनके सीने में गंभीर चोट लगी है। उस समय पुलिस ने उन्हें थाने आकर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी थी। बाद में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सीने पर लगी गंभीर चोट को ही मृत्यु का कारण बताया गया। तकनीकी साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस ने आरोपी कौशिक सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
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मंगलनाथ मंदिर के सामने संन्यासी की मौत का खुलासा: डायल-112 रिकॉर्डिंग से खुला राज, सीने की चोट से हुई मौत; पानी की केन फेंककर मारी थी – Ujjain News
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