Friday, May 15, 2026
Homeराज्यदिल्लीबिहार के बाद अब देशभर में SIR करवाएगा चुनाव आयोग: पहले...

बिहार के बाद अब देशभर में SIR करवाएगा चुनाव आयोग: पहले फेज में बंगाल, असम समेत 5 राज्य, इनमें अगले साल विधानसभा चुनाव


नई दिल्ली7 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

चुनाव आयोग ने बिहार में 25 जून से 26 जुलाई के बीच वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन किया था। इसमें करीब 3 करोड़ वोटर्स की जांच हुई।

चुनाव आयोग (EC) बिहार के बाद अब देशभर में फेजवाइज स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR (सामान्य शब्दों में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन) करवाएगा। न्यूज एजेंसी PTI को चुनाव आयोग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।

PTI के अनुसार, देश में SIR की शुरुआत उन राज्यों से होगी, जहां अगले साल 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पहले फेज में असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट का वेरिफिकेशन होगा।

दरअसल, चुनाव आयोग SIR के तहत वोटर लिस्ट की जांच करता है। आयोग के अनुसार, इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और अवैध मतदाताओं, जैसे विदेशी नागरिकों, मृत व्यक्तियों या स्थानांतरित लोगों को हटाना है।

बिहार SIR: एक महीने में करीब 3 करोड़ वोटर्स का वेरिफिकेशन हुआ

CEC बोले- सभी राज्यों में SIR पर काम चल रहा

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने 6 अक्टूबर को कहा था कि सभी राज्यों में SIR शुरू करने का काम चल रहा है। इसके रोलआउट पर अंतिम फैसला चुनाव आयोग लेगा। तीनों आयुक्त राज्यों के लिए SIR शुरू करने की तारीखों पर फैसला लेने के लिए मिलेंगे।

बिहार विधानसभा चुनावों की घोषणा करते हुए CEC कुमार ने 24 जून को बिहार SIR शुरू करते समय अखिल भारतीय SIR की योजना की घोषणा की थी।

चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए 2 तरीके बताए…

पहला: बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर, एक प्री-फील्ड फॉर्म गणना प्रपत्र (मतदाता की जानकारी और दस्तावेज) लेकर जाएंगे।

दूसरा: कोई भी व्यक्ति चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर यह फॉर्म डाउनलोड करके उसे भर सकता है।

स्क्रीनिंग के 4 नियम

  • वोटर का नाम अगर 2003 की लिस्ट में है तो कोई दस्तावेज नहीं देना होगा। सिर्फ फॉर्म भरना होगा।
  • 1 जुलाई 1987 से पहले जन्म हुआ है तो जन्मतिथि या जन्मस्थान प्रमाण देना होगा।
  • 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्म हुआ तो जन्मतिथि और जन्मस्थान दोनों का प्रमाण देना होगा।
  • 2 दिसंबर, 2004 के बाद जन्मे हैं तो जन्मतिथि, जन्मस्थान का प्रमाण और माता-पिता के दस्तावेज देने होंगे।

बिहार SIR का विपक्ष ने जमकर विरोध किया

बिहार में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन का विपक्ष ने विरोध किया। 9 जुलाई को वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन को लेकर बिहार में महागठबंधन ने बंद का आह्वान बुलाया था। इस दौरान 7 शहरों में ट्रेनें रोकीं गईं और 12 नेशनल हाईवे जाम किए गए।

पटना में राहुल गांधी ने कहा था- महाराष्ट्र का चुनाव चोरी किया गया था और वैसे ही बिहार को चुनाव चोरी करने की कोशिश की जा रही है। उन्हें पता है कि हमने महाराष्ट्र मॉडल समझ लिया इसलिए वे बिहार मॉडल लाए हैं। ये गरीबों के वोट छीनने का तरीका है।’

पूरे मानसून सत्र में विपक्ष ने SIR का विरोध किया

संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चला। पूरे सत्र के दौरान विपक्ष ने संसद परिसर और सदन में प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसद बिहार SIR पर चर्चा कराने की मांग करते रहे। उनके विरोध और हंगामे के कारण दोनों सदनों में आखिरी दिन भी सदन की कार्यवाही नहीं हो सकी।

———————————-

ये खबर भी पढ़ें…

चुनाव आयोग बोला- वोटर लिस्ट बनाना, बदलना सिर्फ हमारा काम:SIR कराना विशेष अधिकार, सुप्रीम कोर्ट का निर्देश देना हमारे काम में दखल

चुनाव आयोग (EC) ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा- पूरे देश में समय-समय पर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कराना उसका विशेषाधिकार है। कोर्ट इसका निर्देश देगी तो ये अधिकार में दखल होगा। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments