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Ghar Par Gheriya Kaise Banaye: राजस्थान के मारवाड़ और जालौर इलाके में मानसून के मौसम में पारंपरिक स्नैक ‘घेरिया’ खूब पसंद किया जा रहा है. इसे कई जगहों पर ‘साजिया’ या ‘हाजिया’ भी कहा जाता है. गेहूं के आटे से बनने वाला यह स्नैक डीप फ्राई करने के बजाय भाप (स्टीम) में पकाया जाता है, जिससे यह समोसे-कचौड़ी के मुकाबले बेहद हेल्दी होता है. स्थानीय गृहिणी अनिता के अनुसार, अजवाइन, जीरा और हरी मिर्च के मिश्रण से तैयार इस पकवान को अंत में देसी घी और लाल मिर्च के साथ परोसा जाता है, जो बच्चों और बुजुर्गों सबका पसंदीदा है.
Monsoon Rajasthani Traditional Snacks: बारिश की ठंडी हवाएं, आसमान में छाए काले बादल और हल्की-हल्की बूंदाबांदी… ऐसे सुहावने मौसम में हर किसी का मन कुछ गरमा-गरम और चटपटा खाने का करता है. आमतौर पर लोग ऐसे समय में समोसे, कचौड़ी या मिर्ची बड़ा खाना पसंद करते हैं. लेकिन अगर आप रोज-रोज के इन तली-भुनी चीजों को खाकर बोर हो चुके हैं और कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो आज हम आपको राजस्थान के मारवाड़ इलाके का एक बेहद खास और पारंपरिक स्नैक बताने जा रहे हैं, जिसे ‘घेरिया’ कहा जाता है. जालौर सहित पूरे मारवाड़ क्षेत्र में यह मानसून का सबसे पसंदीदा पकवान माना जाता है.
राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र की पारंपरिक रसोई का यह एक अभिन्न हिस्सा है. इस स्वादिष्ट स्नैक को अलग-अलग इलाकों में स्थानीय बोलियों के अनुसार अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है. कहीं इसे ‘साजिया’ कहा जाता है, तो कहीं इसे ‘हाजिया’ के नाम से भी पहचाना जाता है. नाम भले ही इसके अलग-अलग क्षेत्रों में बदल जाते हों, लेकिन इसे बनाने का तरीका, इसका लाजवाब स्वाद और इसकी पौष्टिकता हर जगह एक जैसी ही बेहतरीन रहती है.
स्वाद के साथ सेहत का बेहतरीन कॉम्बो
यह पारंपरिक व्यंजन सिर्फ स्वाद में ही लाजवाब नहीं होता, बल्कि सेहत के लिहाज से भी काफी फायदेमंद माना जाता है. बाजार में मिलने वाले ज्यादातर मानसून स्नैक्स मैदे से बने होते हैं और उन्हें डीप फ्राई किया जाता है. इसके विपरीत, घेरिया की सबसे खास बात यह है कि यह शुद्ध गेहूं के आटे से बनाया जाता है और इसे पकाने में ज्यादा तेल का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होता है. तेल की जगह इसे भाप (स्टीम) में पकाया जाता है, जिससे यह एक बेहतरीन हेल्दी स्नैक बन जाता है. जैसे ही बारिश का मौसम शुरू होता है, मारवाड़ के घरों में शाम की चाय के साथ घेरिया बनाने की होड़ मच जाती है. यह स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संतुलन बनाए रखता है.
बच्चे और बुजुर्ग सभी करते हैं पसंद
स्थानीय गृहिणी अनिता ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि हमारे यहां हर साल बारिश के मौसम में घेरिया जरूर बनाया जाता है. यह बहुत ही आसान रेसिपी है और सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें ज्यादा तेल-मसालों का तामझाम नहीं होता, इसलिए यह पेट के लिए भी हल्का और हेल्दी रहता है. घर के बच्चे भी इसे बड़े चाव से खाते हैं और बड़े-बुजुर्गों को भी इसका पारंपरिक स्वाद बहुत पसंद आता है. बारिश के दिनों में यह पूरे परिवार के लिए एक परफेक्ट गेट-टुगेदर स्नैक है.
घेरिया बनाने की आसान विधि
घेरिया को घर पर बनाना बेहद आसान है. सबसे पहले गैस पर एक बर्तन में पानी गर्म करें. जब पानी अच्छे से उबलने लगे, तब उसमें अजवाइन, जीरा, बारीक कटी हरी मिर्च, स्वादानुसार नमक और थोड़ा सा मीठा सोडा डालें. इसके बाद इसमें धीरे-धीरे गेहूं का आटा मिलाएं और लकड़ी की चम्मच से लगातार चलाते रहें, ताकि मिश्रण अच्छे से मिक्स हो जाए और उसमें गुठलियां ना बनें. जब यह गाढ़ा मिश्रण अच्छी तरह तैयार हो जाए, तब इसे स्टीम करने की प्रक्रिया शुरू करें.
इसके लिए एक कढ़ाई में पानी गर्म करें और उसके ऊपर एक छलनी रख दें. अब तैयार आटे के मिश्रण को छलनी में डालकर कुछ मिनट तक भाप में अच्छी तरह से पकाएं. जब यह अच्छी तरह पक जाए, तो इसे बाहर निकालकर प्लेट में निकालें. सर्व करते समय इसके ऊपर गरमा-गरम देसी घी डालें, साथ में ऊपर से सूखी लाल मिर्च पाउडर और बारीक कटा हरा धनिया डालकर इसे और भी स्वादिष्ट और आकर्षक बनाया जा सकता है.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

