पटना में बिहार पुलिस के एक ट्रैफिक सार्जेंट मेजर पर उनकी पत्नी ने घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्नी का दावा है कि पति ने उन्हें रिश्ता खत्म करने के एवज में 10 लाख रुपये की पेशकश की थी। इस बात से इनकार करने के बाद आरोपी ने मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना शुरू कर दिया। उन्होंने अपने पति पर जानलेवा हमले का भी आरोप लगाया है। पत्नी का आरोप है कि शनिवार को पति ने फोन कर विवाद सुलझाने की बात कहकर उन्हें पटना बुलाया और वहां पहुंचते ही उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। किसी तरह वह वहां से निकलकर सचिवालय थाना पहुंची और पुलिस में शिकायत दी। पटना सचिवालय SDPO-1 अनु कुमारी ने बताया कि शिकायत संज्ञान में आई है, जिसकी जांच की जा रही है। आरोपी पक्ष की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दैनिक भास्कर डिजिटल के रिपोर्टर ने उनसे संपर्क साधने की कई बार कोशिश की, मोबाइल पर मैसेज भी किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पटना में अविनाश से हुई मुलाकात, फिर प्रेम विवाह किया पटना जिला के घोसवरी तारतर गांव की रहने वाली नीतू कुमारी 2014 में मेडिकल की तैयारी के लिए पटना आई थीं। नीतू कुमारी के मुताबिक, पटना में उनकी मुलाकात कोचिंग में पढ़ने वाले अविनाश राज रंजन से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। करीब छह वर्ष तक रिश्ते में रहने के बाद दोनों परिवारों की सहमति से 17 अप्रैल 2022 को खुसरूपुर स्थित गौरी शंकर बैकुंठनाथ मंदिर में उनकी शादी हुई। नौकरी मिलने के बाद बदल गया व्यवहार- नीतू कुमारी नीतू कुमारी के मुताबिक, साल 2021 में अविनाश रंजन को बिहार पुलिस में नौकरी मिली। नौकरी मिलने के बाद उन्होंने शादी का वादा किया, लेकिन बाद में इससे पीछे हटने लगे थे। पीड़िता से सुलह के बाद दोनों ने शादी कर ली थी। महिला पुलिस अधिकारी से अफेयर का आरोप नीतू ने आरोप लगाया कि शादी के बाद उनके पति का बिहार पुलिस की एक महिला दरोगा के साथ कथित अफेयर हो गया। उनका कहना है कि अविनाश रंजन ने उनसे साफ तौर पर कहा कि वह अब उसी महिला से शादी करना चाहते हैं। इसी दौरान पति ने उन्हें तलाक देने के बदले 10 लाख रुपए देने की पेशकश की। नीतू का कहना है कि जब उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया तो पति का व्यवहार लगातार आक्रामक होता गया। साथ ही मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना शुरू हो गई। तलाक या मोटी रकम की मांग, दहेज प्रताड़ना का भी आरोप नीतू का आरोप है कि पति ने उनके सामने दो विकल्प रखे। वह उन्हें तलाक दे दें और यदि तलाक नहीं देना चाहतीं तो दहेज के रूप में मोटी रकम लेकर आएं। उनका कहना है कि कथित अफेयर सामने आने के बाद से ही प्रताड़ना और बढ़ गई।
न्यूड फोटो वायरल करने की धमकी देने का आरोप पीड़िता ने अपने पति के भाई विकास रंजन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विकास रंजन ने उन्हें धमकी दी कि यदि उन्होंने पति को नहीं छोड़ा तो उसकी निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। नीतू का कहना है कि इन धमकियों के कारण वह लगातार मानसिक तनाव में रहीं और परिवार भी भय के माहौल में जी रहा है। गर्भपात कराने का दबाव, मिसकैरेज का दावा नीतू ने आरोप लगाया, साल 2023 में वह गर्भवती हुई थीं। इस खबर से खुश होने के बजाय उनके पति ने बच्चे को गिराने का दबाव बनाया। इस बात को लेकर दोनों के बीच कई बार विवाद हुआ। उन्होंने दावा किया कि लगातार मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और तनाव के कारण उनका गर्भपात हो गया। पीड़िता का कहना है कि इस घटना ने उन्हें पूरी तरह से तोड़ दिया, लेकिन इसके बावजूद प्रताड़ना बंद नहीं हुई। घरेलू हिंसा बढ़ने के बाद नीतू अपने मायके चली गईं और वहीं रहने लगीं। पटना बुलाकर मारपीट का आरोप पीड़िता ने अपने पति पर जानलेवा हमले का भी आरोप लगाया है। पीड़िता का आरोप है कि शनिवार को उनके पति ने फोन कर बातचीत कर विवाद सुलझाने की बात कहकर उन्हें पटना बुलाया। सचिवालय थाना परिसर स्थित सरकारी आवास पर पहुंचते ही पति ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। किसी तरह वह वहां से निकलकर दूसरे फ्लैट में पहुंचीं और अपनी जान बचाई। फिर किसी तरह सचिवालय थाने पहुंची और पति के खिलाफ शिकायत दिया। आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने उनका आवेदन लेने से भी इनकार कर दिया। काफी देर तक प्रयास करने के बाद शिकायत दर्ज की गई। पद और वर्दी का दबाव बनाने का आरोप अविनाश राज रंजन पटना में ट्रैफिक सार्जेंट मेजर के पद पर यातायात संचालन में पटना में पदस्थापित हैं। पीड़िता का आरोप है कि उनके पति लगातार अपनी वर्दी और पुलिस पद का रौब दिखाते रहे हैं। उनका आरोप है कि मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका यह भी कहना है कि पति अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। जांच के बाद ही होगी सच्चाई स्पष्ट फिलहाल, नीतू कुमारी की शिकायत के आधार पर मामला सचिवालय थाना के संज्ञान में है। हालांकि, इस पूरे प्रकरण में आरोपी पुलिस अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में एक पक्ष के आरोपों की पुष्टि पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
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