बरेली में दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या के एक मामले में करीब छह साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार यादव की अदालत ने मृतका की सास राजवंत उर्फ राजदीप कौर को दोषी करार देते हुए सात साल के कारावास और 21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला बहेड़ी थाना क्षेत्र के मकोही गांव से संबंधित है। उत्तराखंड के चमोली जिले के सलना गांव निवासी विजेंद्र शाह ने अपनी बहन राजेश्वरी की मौत के बाद मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सितंबर 2017 में शादी के बाद से ही पति सिमरनजीत, उसकी मां राजदीप कौर और परिवार के अन्य सदस्य दहेज की मांग को लेकर राजेश्वरी को प्रताड़ित कर रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया था कि लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के बाद 27 अप्रैल 2020 को राजेश्वरी की हत्या कर दी गई। मामले की जांच के दौरान पुलिस को पर्याप्त साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर मृतका की सास राजदीप कौर के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तथ्य भी प्रस्तुत किए गए कि पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होते थे। अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अपने आरोपों को साबित किया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए राजदीप कौर को दहेज उत्पीड़न, दहेज हत्या और साक्ष्य मिटाने के अपराध में दोषी ठहराया।
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दहेज हत्या में सास को सात साल की सजा: छह साल बाद दोषी करार, 21 हजार रुपये का जुर्माना भी – Bareilly News
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