तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी6 मिनट पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अपने टॉप सलाहकारों के साथ बैठक और ईरान के नए प्रस्ताव की समीक्षा करूंगा। इसके बाद रविवार तक यह फैसला लिया जा सकता है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करनी है या नहीं।
न्यूज एजेंसी एक्सियोस को दिए फोन इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ समझौता होने की संभावना होने के 50-50 चांस हैं। उन्होंने कहा कि या तो एक ‘अच्छा समझौता’ होगा या फिर अमेरिका ईरान पर बेहद कड़ा हमला कर सकता है।
ट्रम्प ने बताया कि बैठक में उनके दूत स्टीव विटकॉफ, सलाहकार जैरेड कुशनर और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी शामिल होंगे। इसमें ईरान की ताजा प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
इससे पहले शनिवार को अमेरिका और ईरान के अधिकारियों ने संकेत दिए थे कि युद्ध खत्म करने को लेकर किसी शुरुआती समझौते की संभावना बन सकती है। यह संकेत कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में तेहरान में हुई बातचीत के बाद सामने आया।

पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर शनिवार को तेहरान पहुंचे थे। वे अमेरिकी पक्ष की सिफारिशें लेकर पहुंचे थे।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…
1. ईरान पर फिर हमला कर सकता है अमेरिका- ट्रम्प अपने वीकेंड गोल्फ कार्यक्रम रद्द कर अचानक व्हाइट हाउस लौट आए हैं। इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
2. 27 देशों ने वर्ल्ड बैंक से मदद मांगी- ईरान जंग शुरू होने के बाद अब तक 27 देशों ने मदद के लिए वर्ल्ड बैंक से गुहार लगाई है। इन देशों का कहना है कि ईरान संकट की वजह से उनकी अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा है। हालांकि दस्तावेज में इन देशों के नाम का खुलासा नहीं किया गया है।
3. आसिम मुनीर ईरान से लौटे: पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर शनिवार को एक दिन की यात्रा खत्म करने के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी के साथ तेहरान से रवाना हो गए।
4. अमेरिका-यूरोप के बीच मतभेद: स्वीडन में NATO देशों के विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक शुक्रवार को हुई। इस दौरान ईरान को लेकर अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों के बीच मतभेद भी सामने आए।
5. होर्मुज फिर से खुल सकता है: अमेरिका और ईरान होर्मुज को खोलने के लिए तैयार हो गए हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश सबसे पहले सीजफायर को 60 दिन के लिए और आगे बढ़ाएंगे
लाइव अपडेट्स
6 मिनट पहले
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अमेरिकी सांसद का ट्रम्प पर तंज, कहा- समझौता करना था तो युद्ध क्यों किया
अमेरिका में ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। रिपब्लिकन सांसद लिंडसे ग्राहम ने राष्ट्रपति ट्रम्प की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अगर आखिर में समझौता ही करना था, तो फिर युद्ध शुरू क्यों किया गया।
लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अगर ईरान के साथ समझौता इसलिए किया जा रहा है क्योंकि होर्मुज को ईरानी हमलों से सुरक्षित नहीं रखा जा सकता, तो इससे ईरान की ताकत और बढ़ी हुई दिखाई देगी।
उन्होंने कहा कि अगर दुनिया यह मान लेती है कि ईरान किसी भी समय होर्मुज को प्रभावित कर सकता है और खाड़ी देशों के तेल ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है, तो इससे मिडिल ईस्ट में ताकत का संतुलन बदल जाएगा।
ग्राहम ने चेतावनी दी कि लंबे समय में यह स्थिति इजराइल के लिए बुरा सपना साबित हो सकती है।
लिंडसे ग्राहम उन नेताओं में शामिल रहे हैं जो लगातार अमेरिका से ईरान पर फिर से सैन्य कार्रवाई करने की मांग करते रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात पर संदेह है कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य में दबाव बनाने से रोका नहीं जा सकता।
9 मिनट पहले
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ट्रम्प के दावे पर ईरान का पलटवार, कहा- होर्मुज पर कंट्रोल नहीं छोड़ेंगे
ईरान ने ट्रम्प के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि संभावित शांति समझौते के तहत होर्मुज पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता करीब है और इसके तहत होर्मुज फिर से खोल दिया जाएगा।
लेकिन ईरानी फार्स न्यूज एजेंसी ने सरकारी अधिकारी का बयान जारी कर कहा कि अगर समझौता होता भी है, तब भी होर्मुज ईरान के कंट्रोल में ही रहेगा।
ईरान ने यह भी कहा कि उसने जहाजों की आवाजाही को युद्ध से पहले के स्तर तक बहाल करने पर सहमति जताई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पहले जैसी पूरी तरह ‘फ्री पैसेज’ की स्थिति होगी।
17 मिनट पहले
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ट्रम्प का बड़ा दावा- ईरान से समझौता लगभग तय
ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते को लेकर बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि समझौते का मसौदा काफी हद तक तैयार हो गया है और अब सिर्फ अंतिम मंजूरी बाकी है।
ट्रम्प ने बताया कि इस समझौते में होर्मुज को फिर से खोलने का मुद्दा भी शामिल है। यह समुद्री रास्ता दुनिया में तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
उन्होंने कहा कि समझौते के कुछ अंतिम पहलुओं और शर्तों पर अभी बातचीत चल रही है, जिनका जल्द ऐलान किया जाएगा।
ट्रम्प ने यह बयान कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान, जॉर्डन, मिस्र, तुर्किये और बहरीन के नेताओं व अधिकारियों के साथ फोन पर बातचीत के बाद दिया। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी अलग से इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से भी बात हुई।
21 मिनट पहले
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रिपोर्ट: अमेरिका-ईरान होर्मुज खोलने के लिए तैयार
अमेरिका और ईरान होर्मुज को खोलने के लिए तैयार हो गए हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश सबसे पहले सीजफायर को 60 दिन के लिए और आगे बढ़ाएंगे। इस दौरान होर्मुज को धीरे-धीरे खोला जा सकता है। FT ने यह जानकारी मध्यस्थों और बातचीत से जुड़े लोगों के हवाले से दी है। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों के बीच एनरिच्ड यूरेनियम भंडार को लेकर भी बातचीत शुरू होने की संभावना है। इसके साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की बातचीत के लिए बुनियादी ढांचा भी तैयार किया जाएगा।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। यहां तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल बाजार, शिपिंग और सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ा था। ऐसे में अगर स्ट्रेट फिर सामान्य रूप से खुलता है तो इससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों को राहत मिल सकती है।
वहीं, ईरान का अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार लंबे समय से अमेरिका और पश्चिमी देशों की सबसे बड़ी चिंता रहा है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की क्षमता के करीब पहुंच रहा है, जबकि तेहरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ नागरिक और ऊर्जा जरूरतों के लिए है।


