बहराइच में समाजवादी अल्पसंख्यक सभा ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। शनिवार दोपहर करीब दो बजे के जिलाध्यक्ष शेख रियाजुद्दीन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय के कई कमरों को ध्वस्त करने का आदेश दिया गया है। सभा का तर्क है कि यदि भवन निर्माण से संबंधित कोई कानूनी या प्रशासनिक विवाद है, तो उसका समाधान न्यायिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। ऐसी कार्रवाई से हजारों छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों का भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए।समाजवादी अल्पसंख्यक सभा ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और उच्च शिक्षा संस्थानों की गरिमा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अल्पसंख्यक सभा ने ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वे इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें। उन्होंने विश्वविद्यालय की सुरक्षा सुनिश्चित करने और विवादित आदेश पर रोक लगाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है। जिलाध्यक्ष शेख रियाजुद्दीन ने जोर देकर कहा कि शिक्षा संस्थानों का संरक्षण लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जौहर विश्वविद्यालय का नाम वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खां से जुड़ा होने के कारण सरकार बदले की भावना से काम कर रही है, जो सरासर अन्याय है। इस दौरान सभासद शकील मिर्जा, राष्ट्रीय प्रवक्ता तारिक खान, मोहम्मद शुएब, अल्ताफ मेकरानी, कामरान मुबारक, खुर्शीद अहमद, रिज़वान खां, इरम, नसीम, गौसूल आज़म, सिराजुद्दीन एडवोकेट, तुफैल खान नाना, शुहेल खान, शेख शादाब अहमद, सैयद अकरम आजाद, आदिल खान, इंशा, ताजुद्दीन अंसारी, फहीम उल्ला और चिरू सहित अल्पसंख्यक सभा के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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जौहर विश्वविद्यालय ध्वस्तीकरण आदेश रोकने की मांग: समाजवादी अल्पसंख्यक सभा ने राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग – Bahraich News
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