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मदर्स डे पर अगर आप अपनी मां को ऐसा तोहफा देना चाहते हैं जो जिंदगीभर उनके काम आए, तो उनके नाम घर खरीदना सबसे खास फैसला हो सकता है. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं के नाम पर घर लेने पर सरकार लाखों रुपये की सब्सिडी और कई अतिरिक्त फायदे दे रही है. इससे न सिर्फ घर खरीदना आसान हो रहा है, बल्कि महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा भी मजबूत बन रही है. कम EMI, रजिस्ट्री में छूट और मालिकाना हक जैसे फायदे इस योजना को महिलाओं के लिए बेहद खास बना रहे हैं.
मदर्स डे पर मां के नाम घर खरीदें और पाएं लाखों की सब्सिडी, जानिए PMAY के फायदे. (Representative Image:AI)
नई दिल्ली. मदर्स डे के मौके पर अगर आप अपनी मां या पत्नी को सबसे बड़ा और सुरक्षित तोहफा देना चाहते हैं, तो घर उनके नाम खरीदना एक शानदार फैसला हो सकता है. केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना यानी PMAY के तहत महिलाओं के नाम पर घर खरीदने पर कई बड़े फायदे मिलते हैं. इसमें लाखों रुपये की सब्सिडी, होम लोन पर राहत और कई राज्यों में रजिस्ट्री शुल्क में छूट जैसी सुविधाएं शामिल हैं.
महिलाओं को घर का मालिक बनाने पर सरकार का जोर
प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य सिर्फ लोगों को घर देना नहीं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाना भी है. इसी वजह से PMAY के तहत कई मामलों में घर का मालिकाना हक महिला के नाम होना जरूरी रखा गया है. सरकार चाहती है कि महिलाएं परिवार में सिर्फ जिम्मेदारी निभाने तक सीमित न रहें, बल्कि संपत्ति की मालिक भी बनें. यही कारण है कि योजना में मां, पत्नी या परिवार की किसी महिला सदस्य के नाम पर घर लेने को विशेष प्राथमिकता दी जाती है. इससे महिलाओं को भविष्य में आर्थिक सुरक्षा भी मिलती है.
लाखों रुपये की सब्सिडी से कम होता है लोन का बोझ
PMAY के तहत पात्र लोगों को होम लोन पर ब्याज सब्सिडी दी जाती है. आय वर्ग के अनुसार यह सब्सिडी लाखों रुपये तक पहुंच सकती है. इससे घर खरीदने वालों की EMI का बोझ काफी कम हो जाता है. खास बात यह है कि अगर घर महिला के नाम पर लिया जाता है, तो आवेदन को अधिक प्राथमिकता मिल सकती है. सरकार का मकसद है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं अपने नाम से संपत्ति की मालिक बनें और भविष्य के लिए सुरक्षित रहें. छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हुई है.
रजिस्ट्री और टैक्स में भी मिलता है फायदा
कई राज्यों में महिलाओं के नाम संपत्ति रजिस्टर कराने पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी छूट दी जाती है. इससे घर खरीदने की कुल लागत कम हो जाती है. उदाहरण के तौर पर कुछ राज्यों में महिलाओं को 1 से 2 प्रतिशत तक स्टांप ड्यूटी में राहत मिलती है. इसके अलावा भविष्य में प्रॉपर्टी टैक्स में भी कुछ स्थानों पर विशेष छूट मिल सकती है. यानी महिला के नाम घर खरीदना सिर्फ भावनात्मक फैसला नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी फायदेमंद साबित हो सकता है.
महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार
विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं के नाम संपत्ति होना परिवार की आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद अहम है. इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आर्थिक फैसलों में ज्यादा मजबूत भूमिका निभा पाती हैं. अगर भविष्य में किसी तरह की पारिवारिक या आर्थिक समस्या आती है, तो संपत्ति का मालिकाना हक महिलाओं के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है. यही वजह है कि सरकार लगातार महिला स्वामित्व वाले घरों को बढ़ावा दे रही है. डिजिटल बैंकिंग और आसान होम लोन प्रक्रिया ने भी महिलाओं के लिए घर खरीदना पहले की तुलना में काफी आसान बना दिया है.
मदर्स डे पर मां को दें सुरक्षित भविष्य का सबसे बड़ा तोहफा
मदर्स डे पर अक्सर लोग महंगे गिफ्ट या सरप्राइज प्लान करते हैं, लेकिन मां के नाम घर खरीदना जिंदगीभर काम आने वाला उपहार साबित हो सकता है. PMAY जैसी योजनाएं इस सपने को साकार करने में बड़ी मदद कर रही हैं. कम ब्याज, सब्सिडी, रजिस्ट्री में छूट और सरकारी सहायता के कारण अब अपना घर लेना पहले से ज्यादा आसान हो गया है. ऐसे में अगर कोई परिवार मां या पत्नी के नाम पर घर खरीदने का फैसला करता है, तो यह सिर्फ एक प्रॉपर्टी निवेश नहीं बल्कि पूरे परिवार के सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव बन सकता है.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें

