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सुनील दत्त और नरगिस की प्रेम कहानी को भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे भावुक दास्तान कहा जाता है. राज कपूर से अलग होने के बाद नरगिस डिप्रेशन में थीं. लेकिन ‘मदर इंडिया’ के सेट पर लगी भीषण आग में कूदकर सुनील दत्त ने जब नरगिस को बचाया तो दोनों को प्यार हो गया था. लेकिन सुनील दत्त ने खुलासा किया था कि ये सच नहीं है.
नई दिल्ली. फिल्मी दुनिया में कई प्रेम कहानियां बनीं, लेकिन सुनील दत्त और नरगिस की कहानी सबसे अलग मानी जाती है. लोग हमेशा यही समझते रहे कि ‘मदर इंडिया’ के सेट पर आग से बचाने के बाद सुनील दत्त को नरगिस से प्यार हुआ था.लेकिन असल में दोनों की एक होने की वजह कुछ और ही थी.

हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता सुनील दत्त और नरगिस की प्रेम कहानी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है.नरगिस का परिवार के प्रति अपनापन और सुनील दत्त की बहन के लिए उनकी चिंता ने अभिनेता का दिल जीत लिया था. यही रिश्ता धीरे-धीरे प्यार में बदल गया और दोनों हिंदी सिनेमा की सबसे आइकॉनिक जोड़ियों में शामिल हो गए.

सुनील दत्त सिर्फ शानदार अभिनेता ही नहीं, बल्कि बेहद भावुक और परिवार को महत्व देने वाले इंसान भी थे. उनकी और नरगिस की प्रेम कहानी आज भी बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत कहानियों में गिनी जाती है. हालांकि ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि फिल्म ‘मदर इंडिया’ की शूटिंग के दौरान आग से नरगिस को बचाने के बाद दोनों करीब आए थे, लेकिन खुद सुनील दत्त ने इस बात को गलत बताया था.
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एक इंटरव्यू में सुनील दत्त ने कहा था कि अगर आग बुझाने से प्यार हो जाता, तो उन्होंने कई हीरोइनों को बचाया था. उनके मुताबिक असली वजह नरगिस का स्वभाव और परिवार के प्रति उनका प्यार था. नरगिस ने बिना किसी स्वार्थ के उनकी बहन का ख्याल रखा, मुश्किल वक्त में परिवार का साथ दिया और हर हाल में साथ खड़ी रहीं. यही बात सुनील दत्त के दिल को छू गई थी.

सुनील दत्त ने बताया था कि नरगिस की सादगी और परिवार के लिए उनकी चिंता देखकर उन्होंने मन ही मन तय कर लिया था कि वह उनसे शादी जरूर करेंगे. यहां तक कि उन्होंने सोच लिया था कि अगर नरगिस ने शादी से इनकार किया, तो वह गांव लौटकर खेती करेंगे. लेकिन नरगिस ने उनके प्यार को स्वीकार कर लिया और दोनों की जिंदगी हमेशा के लिए एक हो गई.

फिल्म ‘मदर इंडिया’ ने भी दोनों की जिंदगी में खास जगह बनाई. इस फिल्म में नरगिस और सुनील दत्त की जोड़ी को लोगों ने खूब पसंद किया था. फिल्म ऑस्कर तक पहुंची थी और भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी क्लासिक फिल्मों में गिनी जाती है.

सुनील दत्त का असली नाम बलराज दत्त था. फिल्मों में आने के बाद उन्होंने अपना नाम बदल लिया. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रेडियो से की थी, जहां उनकी आवाज लोगों को काफी पसंद आती थी. बाद में फिल्मों में आए और ‘मदर इंडिया’, ‘वक्त’, ‘पड़ोसन’, ‘हमराज’, ‘रेशमा और शेरा’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया.

सिर्फ फिल्मों में ही नहीं, सुनील दत्त ने राजनीति में भी अपनी खास पहचान बनाई. वह पंडित जवाहरलाल नेहरू से काफी प्रभावित थे और बाद में सांसद और केंद्रीय मंत्री भी बने. लोगों की मदद करना और देश के लिए काम करना उन्हें बेहद पसंद था. 6 जून 1929 को जन्मे सुनील दत्त ने 25 मई 2005 को दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनकी फिल्में, उनका व्यक्तित्व और नरगिस संग उनकी प्रेम कहानी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है.

