Saturday, May 23, 2026
Homeराज्यराजस्तानSMS हॉस्पिटल में ब्रॉन्कोप्लास्टी सर्जरी: नाक, मुंह से ऑक्सीजन फेफड़े तक...

SMS हॉस्पिटल में ब्रॉन्कोप्लास्टी सर्जरी: नाक, मुंह से ऑक्सीजन फेफड़े तक पहुंचाने वाली दांयी ब्रोंकस हो चुकी थी ब्लॉक; डॉक्टरों का दावा, प्रदेश में ये पहली सर्जरी – Jaipur News




जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल में ब्रॉन्कोप्लास्टी सर्जरी की गई। ये ऑपरेशन सवाई माधोपुर के रहने वाले 16 साल के मरीज के किया। इस सर्जरी से पहले मरीज को सांस लेने में काफी तकलीफ थी और उसकी लगातार हालात खराब हो रही थी। डॉक्टरों का दावा है कि राजस्थान में पहले ऐसी सर्जरी किसी भी हॉस्पिटल में नहीं हुई। कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. संजीव देवगढ़ा ने बताया- मरीज कालूराम पुत्र नवल सिंह का पिछले महीने 4 अप्रैल को रोड एक्सीडेंट हुआ। इस एक्सीडेंट में उसके दाहिने फेफड़े में गंभीर चोट आने के बाद से उसे सांस लेने में लगातार परेशानी होने लगी। कई बार उसको ऑक्सीजन सपोर्ट पर भी रखा गया। परिजनों ने मरीज को कई हॉस्पिटलों में दिखाया, लेकिन बीमारी का सही कारण पता नहीं चल सका और मरीज की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। 15 अप्रैल एसएमएस हॉस्पिटल की ओपीडी में सीटीवीएस विभाग में परामर्श लेने के बाद 16 अप्रैल को भर्ती कराया गया। भर्ती के बाद मरीज जांचें की, जिसमें सीटी स्कैन, छाती का एक्स-रे और वर्चुअल ब्रॉन्कोस्कोपी शामिल थी। जांचों में पाया कि मरीज के दाएं मुख्य ब्रोंकस की सांस की नली पूरी तरह बंद हो चुकी थी, जिसके कारण उसका दायां फेफड़ा सिकुड़ गया और उसे सांस लेने में बहुत दिक्कत हो रही थी। 4 घंटे लगे सर्जरी में तमाम जांच करने और मरीज के फिट होने के बाद उसका 29 अप्रैल को ब्रॉन्कोप्लास्टी सर्जरी की गई। इस सर्जरी में करीब चार घंटे का समय लगा। ऑपरेशन के दौरान सिकुड़े और बंद हो चुके दाएं ब्रोंकस के हिस्से को काटकर अलग किया और शेष रही सही ब्रोंकस को वापस मुख्य श्वास नली से जोड़ा गया। इस ब्रोंकस को काटना सबसे कठिन था, क्योंकि ये आसपास के ट्यूश (ऊतकों) से चिपके हुए थे। सर्जरी के बाद मरीज का सिकुड़ा हुआ फेफड़ा वापस काम सामान्य तौर पर काम करने लगा। इससे मरीज की सांस लेने की दिक्कत दूर हो गई। इस सर्जरी में डॉ. संजीव देवगढ़ा के साथ प्रोफेसर डॉ. अनुला सिसोदिया, डॉ. के.के. मावर, डॉ. ध्रुव शर्मा, डॉ. उत्सव नंदवाना, डॉ. मोहित सिंघल, डॉ. स्वप्निल पंचाल और एनेस्थीसिया टीम डॉ. अंशुल गुप्ता, डॉ. दीपिका गहलोत का सहयोग रहा।



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments