चित्तौड़गढ़ जिले ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) के तहत एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। जिले ने SIR डिजिटलाईजेशन का 100 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया। यही नहीं, पूरे जिले में 98 प्रतिशत से ज्यादा मतदाताओं की सफल मैपिंग भी की गई, जिससे चित्तौड़गढ़ राजस
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प्रशासन, फील्ड टीम और निगरानी ने सफलता की मजबूत नींव रखी
भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद यह सफलता टीम वर्क और नियमित निगरानी के कारण संभव हुई। जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक रंजन के निर्देशन में सभी विभागों और फील्ड टीमों ने मिलकर लगातार काम किया। जिले में 5 ईआरओ, 24 एईआरओ, 152 सुपरवाइजर, 1501 बीएलओ और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक इस अभियान में लगातार जुटे रहे। दूर-दराज के इलाकों में जाना हो या कठिन भौगोलिक क्षेत्रों तक पहुंचना हो, टीमों ने मेहनत में कोई कमी नहीं छोड़ी। राजनीतिक दलों और बीएलए की सक्रिय भागीदारी ने पूरी प्रक्रिया को और ज्यादा पारदर्शी व विश्वसनीय बनाया। इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम है कि जिले ने इतने बड़े पैमाने पर सफलता हासिल की और बाकी जिलों के लिए मिसाल स्थापित की।
जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक रंजन ने सभी टीमों, मतदाताओं और सहयोगी संगठनों का आभार व्यक्त किया।
जागरूक मतदाताओं और बीएलओ टीम ने दिखाया बेहतरीन सामूहिक सहयोग
इस उपलब्धि पर जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक रंजन ने सभी टीमों, मतदाताओं और सहयोगी संगठनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रशासन के साथ-साथ चित्तौड़गढ़ के जागरूक नागरिकों की भी है, जिन्होंने पूरी गंभीरता के साथ अपनी भूमिका निभाई। बीएलओ टीम और सुपरवाइजरों ने हर घर तक जाकर सत्यापन किया, हर सवाल का जवाब दिया और हर जरूरी डॉक्यूमेंट्स को समय पर अपडेट किया। ईआरओ और एईआरओ का फील्ड में लगातार सक्रिय रहना, सभी टीमों को मार्गदर्शन देना और समस्याओं का तुरंत समाधान करना इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बना। इससे कर्मचारियों में ऊर्जा बनी रही और हर स्तर पर टीम भावना मजबूत हुई।
उत्कृष्ट प्रशिक्षण और स्पष्ट कार्ययोजना ने दी अभियान को गति
अभियान के शुरुआती चरण से ही उत्कृष्ट प्रशिक्षण और साफ-सुथरी कार्ययोजना पर विशेष ध्यान दिया गया। इससे फील्ड टीम तक निर्देश सीधे और स्पष्ट रूप से पहुंचते रहे। सभी बीएलओ को समय-समय पर अपडेट दिए गए, जिससे उनका काम और सरल हो गया। घर-घर जाकर सत्यापन करने से लेकर समयबद्ध डाटा एंट्री तक हर काम को निर्धारित समय में पूरा किया गया। प्रशासन ने उत्कृष्ट काम करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित करने की परंपरा भी जारी रखी, जिससे कार्मिकों में उत्साह बढ़ा और वे और ज्यादा जिम्मेदारी से काम करने लगे। यही कारण रहा कि जिले की पूरी प्रक्रिया बिना रुकावट चलती रही और लक्ष्य समय से पहले पूरा हो सका।

चित्तौड़गढ़ जिले ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) के तहत एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। जिले ने SIR डिजिटलाईजेशन का 100 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया। यही नहीं, पूरे जिले में 98 प्रतिशत से ज्यादा मतदाताओं की सफल मैपिंग भी की गई, जिससे चित्तौड़गढ़ राजस्थान के टॉप-3 जिलों में शामिल हो गया।
तकनीक का प्रभावी उपयोग और डिजिटल सुविधाओं का बड़ा योगदान
तकनीकी साधनों के उपयोग ने इस अभियान को सफल बनाने में अच्छी भूमिका निभाई। मोबाइल एप्स, ऑनलाइन सत्यापन और डिजिटल अपडेट की वजह से काम तेज और पारदर्शी बना रहा। आयोग द्वारा सुझाए गए सभी तकनीकी नवाचारों को सफलतापूर्वक लागू किया गया। ईआरओ और एईआरओ की निरंतर फील्ड उपस्थिति, मौके पर मार्गदर्शन और किसी भी समस्या के तुरंत समाधान ने त्रुटियों को न्यूनतम रखा। मतदाताओं ने भी इन तकनीकी सुविधाओं का भरपूर लाभ उठाया और बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन प्रक्रिया से जुड़ते गए। यह तकनीकी पारदर्शिता ही चित्तौड़गढ़ जिले की सफलता का एक मजबूत आधार बनी और मतदान प्रक्रिया को और ज्यादा विश्वसनीय बनाया।
शहरी क्षेत्रों में हेल्प डेस्क और युवा शक्ति बनी प्रमुख ताकत
शहरी क्षेत्रों की चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन ने विशेष रणनीति अपनाई। कॉलेज कैंपसों में हेल्प डेस्क बनाए गए, जहां युवा बड़ी संख्या में आकर अपना नाम सत्यापित करवा सके। वार्ड स्तर पर शिविर लगाए गए और छात्रों, युवाओं व स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी से शहरी प्रक्रिया तेज हुई। जिले के औद्योगिक इलाकों में बड़ी संख्या में श्रमिक काम करते हैं, जो अक्सर काम की वजह से जगह बदलते रहते हैं। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए उद्योग प्रबंधन और श्रमिकों के साथ सीधा संवाद किया गया। ऑनलाइन सर्च और डिजिटल सत्यापन की सुविधा से हजारों श्रमिक पहली बार व्यवस्थित रूप से मतदाता सूची अपडेट में शामिल हो सके।
उच्च मैपिंग प्रतिशत ने आसान बनाए आगे के सभी चुनावी कार्य
जिले ने लक्ष्य आधारित कुल मतदाता मैपिंग में 98 प्रतिशत से ज्यादा की उपलब्धि हासिल की, जो अपने आप में एक बड़ी सफलता है। मृत, अनुपस्थित और शिफ्टेड श्रेणी के मतदाताओं को मिलाते हुए यह आंकड़ा और भी प्रभावी हो जाता है। जिले में कुल 14,10,621 मतदाताओं में से सिर्फ 2 प्रतिशत से भी कम की मैपिंग अधूरी रहना टीम चित्तौड़गढ़ की दक्षता को स्पष्ट रूप से साबित करता है। बीएलओ और सुपरवाइजरों द्वारा हर प्रश्न का तुरंत समाधान किया गया और जरूरी संसाधन समय पर उपलब्ध कराए गए। पर्याप्त तकनीकी सहायता और समुचित मानव संसाधन ने प्रशासन की कार्यगति को दोगुना कर दिया, जिससे पूरे जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

