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PM Modi At G7 Summit 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा के कनानास्किस में चल रही 51वीं G7 समिट में शिरकत की. G7 समिट में पीएम मोदी की सक्रिय कूटनीति ने यह साबित किया कि भारत अब सिर्फ भागीदार नहीं, बल्कि वैश्विक मुद्दों का निर्णायक खिलाड़ी बन चुका है. चाहे आतंकवाद पर कड़ा रुख हो या क्लाइमेट चेंज और टेक्नोलॉजी में सहयोग… भारत अब समाधान का हिस्सा है. भारत विश्व मंच पर ब्रिज-बिल्डर यानी ‘पुल बनाने वाला’ बन चुका है- संवाद, सहयोग और साझेदारी का.
‘वैश्विक प्रगति के लिए एक साथ! प्रमुख वैश्विक चुनौतियों और बेहतर ग्रह के लिए साझा आकांक्षाओं पर जी7 नेताओं के साथ उत्पादक आदान-प्रदान.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X (पहले Twitter) पर G7 समिट 2025 की ग्रुप फोटो पर यही कैप्शन दिया है.

G7 समिट में पीएम मोदी का स्वागत कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने किया. यह स्वागत सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि भारत-कनाडा संबंधों में एक नई ऊर्जा भरने वाला क्षण था.

समिट के मौके पर पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से भी मुलाकात की. यह मुलाकात खास इसलिए रही क्योंकि भारत-जर्मनी की रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे हो रहे हैं. दोनों नेताओं ने आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर्स, स्थिरता, रिसर्च और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की. साथ ही, रक्षा और आतंकवाद विरोधी प्रयासों को और सशक्त बनाने का संकल्प दोहराया.

पीएम मोदी ने मैक्सिको की नव-निर्वाचित राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम से मुलाकात की और उन्हें दो सदियों में पहली महिला राष्ट्रपति बनने पर व्यक्तिगत बधाई दी. दोनों नेताओं ने कृषि, हेल्थकेयर, क्रिटिकल मिनरल्स और सेमीकंडक्टर्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात की.

पीएम मोदी की ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा से भी बातचीत हुई. इन मुलाकातों से भारत के इंडो-पैसिफिक और अफ्रीका फोकस को मजबूती मिली है.

प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग से भी बातचीत की. दोनों नेताओं ने ग्रीन हाइड्रोजन, शिपबिल्डिंग, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और सांस्कृतिक साझेदारी पर चर्चा की. दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को और मजबूत करने का संकेत दिया.

