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3 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मजबूत रहने के संकेत मिल रहे हैं. गिफ्ट निफ्टी में करीब 150 अंकों की बढ़त देखने को मिल रही है. साथ ही, अमेरिकी कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें नहीं बढ़ाने की संभावना मजबूत हुई है. हालांकि, अमेरिकी और एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, वहीं कच्चा तेल 71 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है. अब निवेशकों की नजर 29 जुलाई को होने वाले फेड के ब्याज दर फैसले, ग्लोबल आर्थिक आंकड़ों और कच्चे तेल की चाल पर रहेगी.
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से भी भारतीय बाजार में खरीदारी जारी रहने से निवेशकों का सेंटीमेंट बेहतर बना हुआ है.
घरेलू शेयर बाजार के लिए आज 3 जुलाई का कारोबारी सेशन पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है. गिफ्ट निफ्टी करीब 150 अंकों की बढ़त के साथ 24,415 के आसपास कारोबार करता दिखा, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि भारतीय बाजार बढ़त के साथ खुल सकते हैं. हालांकि, ग्लोबल बाजारों से मिले संकेत पूरी तरह एक जैसे नहीं हैं, लेकिन अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है.
अमेरिका से आए अपेक्षा से कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद यह संभावना मजबूत हुई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व फिलहाल ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं करेगा. इसी उम्मीद के चलते अमेरिकी बाजारों में खरीदारी देखने को मिली. वहीं विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से भी भारतीय बाजार में खरीदारी जारी रहने से निवेशकों का सेंटीमेंट बेहतर बना हुआ है.
ग्लोबल बाजारों से मिले मिले-जुले संकेत
अमेरिकी बाजारों में डाओ जोंस में करीब 600 अंकों की तेजी दर्ज की गई. हालांकि, चिप शेयरों पर दबाव रहने से नैस्डैक में कमजोरी देखने को मिली. मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में बढ़ती लागत और मार्जिन पर दबाव जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं, जिससे इस सेक्टर में निवेशकों की सतर्कता जारी है. एशियाई बाजारों में भी मिक्स्ड रुख देखने को मिला. जापान का निक्कई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे, जबकि ताइवान और सिंगापुर के बाजारों में हल्की कमजोरी रही. इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 71 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जिस पर निवेशकों की नजर रहेगी.
फेड के फैसले पर टिकी बाजार की नजर
अब बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली एमपीसी बैठक पर है, जिसमें 29 जुलाई को ब्याज दरों पर फैसला लिया जाएगा. हालिया कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद यह उम्मीद बढ़ गई है कि फेड फिलहाल ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं करेगा. एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि रोजगार के आंकड़े मजबूत आते और महंगाई में तेजी देखने को मिलती, तो फेड पर दरें बढ़ाने का दबाव बन सकता था, लेकिन मौजूदा आर्थिक संकेतों ने निवेशकों को राहत दी है. कम ब्याज दरों की उम्मीद आमतौर पर शेयर बाजारों के लिए पॉजिटिव मानी जाती है, क्योंकि इससे कंपनियों के लिए पूंजी जुटाना अपेक्षा आसान होता है और निवेशकों का रिस्क लेने का रुझान बढ़ता है.
FII की खरीदारी से बढ़ा बाजार का भरोसा
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार में अपनी खरीदारी जारी रखी है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कैश और वायदा बाजार को मिलाकर एफआईआई ने करीब 1,600 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी की. लगातार विदेशी निवेश आने से बाजार की धारणा मजबूत बनी हुई है. हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि ग्लोबल इकोनॉमिक घटनाओं, कच्चे तेल की चाल और अमेरिका से आने वाले नए आर्थिक आंकड़ों पर निवेशकों को नजर बनाए रखनी चाहिए. इसके अलावा टेस्ला के शेयरों में करीब 7.5 फीसदी की तेज गिरावट ने यह भी संकेत दिया है कि ग्लोबल बाजारों में सेक्टर आधारित उतार-चढ़ाव अभी जारी रह सकता है.
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यशस्वी यादव एक अनुभवी बिजनेस राइटर हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में दो साल का अनुभव है। ये नेटवर्क18 के साथ मनी सेक्शन में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यशस्वी का फोकस बिजनेस और फाइनेंस से जुड़ी खबरों को रिस…और पढ़ें

