Monsoon Kitchen Tips: बरसात का मौसम आते ही रसोई में रखी कई जरूरी चीजों की देखभाल पहले से ज्यादा जरूरी हो जाती है. खासकर बेसन, सूजी और मैदा जैसी सूखी सामग्री, जिनका इस्तेमाल लगभग हर घर में रोजाना होता है. कभी गरमा-गरम पकौड़े बनाने हों, मीठा हलवा तैयार करना हो या फिर केक और पूरी बनानी हो, ये तीनों चीजें किचन की जरूरत हैं. लेकिन बारिश के दिनों में हवा में बढ़ी नमी इनके लिए सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है.
थोड़ी-सी लापरवाही के कारण इनमें कीड़े लग सकते हैं, बदबू आने लगती है या फिर इनका स्वाद और गुणवत्ता दोनों खराब हो जाते हैं. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप इन्हें लंबे समय तक ताजा, सुरक्षित और इस्तेमाल के लायक रख सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे आसान किचन हैक्स, जो हर घर के लिए बेहद काम के साबित हो सकते हैं.
बारिश में क्यों जल्दी खराब हो जाते हैं बेसन, सूजी और मैदा?
बरसात के मौसम में वातावरण में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है. यही नमी धीरे-धीरे किचन में रखे सूखे खाद्य पदार्थों तक पहुंच जाती है. यदि डिब्बा ठीक से बंद न हो या बार-बार खुलता रहे, तो हवा के संपर्क में आने से इनमें नमी जमा होने लगती है. यही नमी बाद में फफूंदी, बदबू और कीड़ों की वजह बन जाती है. कई लोग यह सोचकर बड़ी मात्रा में बेसन या मैदा खरीद लेते हैं कि बार-बार बाजार नहीं जाना पड़ेगा. लेकिन सही स्टोरेज न होने पर यह बचत नुकसान में बदल सकती है.
फ्रिज या फ्रीजर में रखना सबसे आसान उपाय
एयर टाइट कंटेनर का करें इस्तेमाल
अगर आप चाहते हैं कि बेसन, सूजी और मैदा लंबे समय तक सुरक्षित रहें, तो इन्हें पहले अच्छी तरह सूखे और साफ एयर टाइट कंटेनर में भरें. इसके बाद जरूरत के अनुसार इन्हें फ्रिज या फ्रीजर में रखा जा सकता है. ठंडे वातावरण में नमी का असर काफी कम हो जाता है, जिससे कीड़े लगने की संभावना भी घट जाती है. खासतौर पर अगर आपने बड़ी मात्रा में सामान खरीदा है, तो यह तरीका काफी उपयोगी साबित हो सकता है.
पुदीने की सूखी पत्तियां रखें, कीड़े रहेंगे दूर
घरेलू नुस्खा जो आज भी कारगर है
पुराने समय से ही कई घरों में सूखी पुदीने की पत्तियों का इस्तेमाल खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता रहा है. इनकी प्राकृतिक खुशबू कई तरह के छोटे कीड़ों को दूर रखने में मदद करती है. ध्यान रखें कि पत्तियां पूरी तरह सूखी हों. गीली पत्तियां रखने से फायदा होने की बजाय नुकसान हो सकता है.
तेजपत्ता भी है बेहतरीन विकल्प
प्राकृतिक खुशबू से मिलता है संरक्षण
अगर आपके घर में तेजपत्ता मौजूद है, तो उसका इस्तेमाल भी किया जा सकता है. कंटेनर में तीन से चार तेजपत्ते रख देने से कीड़ों के आने की संभावना कम हो जाती है. यह उपाय आसान होने के साथ-साथ पूरी तरह प्राकृतिक भी है और किसी तरह के रसायन का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता.
नीम की सूखी पत्तियां भी आएंगी काम
नीम को प्राकृतिक कीटरोधी माना जाता है. यही वजह है कि कई लोग आज भी अनाज और दालों को सुरक्षित रखने के लिए इसकी सूखी पत्तियों का इस्तेमाल करते हैं. यदि आप बेसन, सूजी या मैदा के डिब्बे में अच्छी तरह सूखी नीम की पत्तियां रखते हैं, तो उनमें कीड़े लगने का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है. बस यह ध्यान रखें कि पत्तियां पूरी तरह सूखी हों और उनमें नमी बिल्कुल न हो.
सूजी और बेसन को हल्का भूनकर करें स्टोर
स्टोरेज से पहले अपनाएं यह छोटी-सी ट्रिक
यदि आप सूजी और बेसन का लंबे समय तक इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इन्हें हल्की आंच पर कुछ मिनट भूनकर पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद एयर टाइट डिब्बे में भर दें. ऐसा करने से इनमें मौजूद अतिरिक्त नमी निकल जाती है और इनके खराब होने की संभावना कम हो जाती है. हालांकि मैदा को भूनने की जरूरत नहीं होती. उसे सीधे साफ और सूखे डिब्बे में स्टोर करना चाहिए.
साफ और सूखा कंटेनर ही करें इस्तेमाल
अक्सर लोग नया सामान पुराने डिब्बे में ही भर देते हैं, जबकि उसमें पहले से हल्की नमी या पुराने आटे के कण मौजूद हो सकते हैं. यही छोटी-सी गलती बाद में पूरे सामान को खराब कर सकती है. इसलिए हर बार कंटेनर को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें. इसके बाद ही नया बेसन, सूजी या मैदा उसमें भरें. साथ ही हमेशा सूखे चम्मच का ही इस्तेमाल करें.
छोटी-छोटी आदतें बचा सकती हैं बड़ा नुकसान
कई बार लोग गीले हाथों से डिब्बा खोलते हैं या इस्तेमाल के बाद उसका ढक्कन ठीक से बंद नहीं करते. ऐसी छोटी गलतियां धीरे-धीरे नमी बढ़ा देती हैं. अगर परिवार में रोजाना इन चीजों का इस्तेमाल होता है, तो कोशिश करें कि बड़े डिब्बे की बजाय थोड़ा-थोड़ा सामान अलग डिब्बे में निकालकर रखें. इससे मुख्य स्टॉक बार-बार हवा के संपर्क में नहीं आएगा और ज्यादा समय तक सुरक्षित रहेगा. बरसात में नमी के कारण बेसन, सूजी और मैदा जल्दी खराब हो सकते हैं. एयर टाइट डिब्बा, फ्रिज स्टोरेज, तेजपत्ता, नीम और सूखी पुदीने की पत्तियों जैसे आसान घरेलू उपाय अपनाकर इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

