यहां अधिकतर इलाके कच्चे हैं। सीवर और पानी की व्यवस्था लोगों को खुद ही करनी पड़ रही है। ज्यादातर इलाके गंदगी से बजबजा रहे हैं। आए दिन इसकी शिकायत लोग कर रहे हैं। स्ट्रीट लाइट की समस्या भी क्षेत्र में है। नालियों का पानी सड़क पर बह रहा है। इससे दुर्गंध और बीमारी फैलने का खतरा है। रखरखाव के अभाव पार्क बदहाल स्थिति में है। बिजली की ट्रिपिंग पूरे क्षेत्र में बनी रहती है। ये हालात हैं वार्ड नंबर-75 फैजुल्लागंज चतुर्थ इलाके के। स्थानीय लोग नगर निगम से लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। दैनिक भास्कर एप ‘वार्ड परिक्रमा’ मुहिम चला रहा है। इसके तहत नगर निकाय के वार्डों की वास्तविक स्थिति जानने की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में हमारी टीम वार्ड नंबर-75 फैजुल्लागंज चतुर्थ में पहुंची। यहां के प्रमुख कॉलोनियों, मोहल्लों, इलाकों का हाल जाना। निवासियों से बात कर उनकी समस्या समझने की कोशिश की। 3 तस्वीरों में देखिए वॉर्ड की ग्राउंड रियलिटी- वार्ड की बड़ी समस्याएं वार्ड में अधिकतर इलाके कच्चे- अनियोजित कॉलोनियों की भरमार पूरे वार्ड में फैली हुई है। सीवर और पानी का कनेक्शन ऐसी कॉलोनियो में नहीं है। लोग प्राइवेट तरीके से व्यवस्था करवा रहे हैं। वार्ड की अधिकतर सड़कें कच्ची ही हैं। ऐसे में लोगों की समस्या बढ़ गई है। कई बार इसकी शिकायत भी की जा चुकी है। रास्ते भी सही नहीं हैं। कच्चे रास्ते पर चलने को लोग मजबूर हैं। अनियोजित डेवलेपमेंट के चलते पूरे इलाके में मूलभूत सुविधाओं को बनाना भी चुनौती है। गंदगी का अंबार, बजबजा रहे इलाके- मुतकीपुर सहित वार्ड में कई इलाके हैं,जहां पर लोगों रहना मुश्किल है। यहां पर सीवर का गंदा पानी कॉलोनी के बीच में है। पूरे क्षेत्र में नालियां बजबजा रही हैं। साफ सफाई की व्यवस्था नहीं है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम करने वाली कार्यदायी संस्था एलएसए भी अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभा रही है। लोगों का आरोप है कि कंपनी दूसरे या तीसरे दिन कूड़ा उठाने के लिए आती है, जिससे खाली प्लॉटों में कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कॉलोनियों के साथ-साथ पुराने इलाकों में भी साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। जलभराव और अतिक्रमण- कच्ची कॉलोनियों के कारण वार्ड के अधिकतर इलाकों में जलभराव की समस्या होती है। इस दौरान नाले और नालियों की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण हल्की बारिश में ही सड़कें तालाब बन जाती हैं। सीवर का गंदा पानी भी घरों में घुस जाता है। इस बीच दुर्गंध और बीमारी के बीच में लोगों को रहना पड़ता है। लोग बोले- पार्षद ने सड़क नपवाई, लेकिन प्लान हवा में उड़ गया बालाजी एन्क्लेव के उपाध्यक्ष गोपाल सिंह ने बताया कि यहां रोड और नाले की समस्या बहुत ज्यादा है। पार्क का निर्माण भी पहले शुरू हुआ था, लेकिन पार्क भी हमारा रुका हुआ है। वहां भी जलभराव पार्क में बहुत ज्यादा है, जिससे बीमारियां फैल रही हैं। और रोडों की बहुत बड़ी समस्या है। रोड-नाली पहले नपाई हुई थी, विधायक जी ने भी कहा, पार्षद जी ने भी कहा, लेकिन अभी तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है। सारा प्लान हवा में उड़ गया। हर 10 मिनट में बिजली ट्रिप करती है बालाजी नगर के आरडी मिश्रा रहने वाले ने बताया कि हम लोग निरंतर प्रयास कर रहे हैं कि कॉलोनी की जो सड़कें हैं, नालियां हैं, वो ठीक हो जाएं, लेकिन फिर भी अभी विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। पार्षद ने एक बार सड़क नपवाया भी, लेकिन वो सब हवा में उड़ गया। बिजली की समस्या ऐसी है कि वो हर 10-10 मिनट पर ट्रिप करती है। नाला न होने की वजह से टूटी-फूटी सड़कों पर पानी भर जाता है जिससे निकलने में बहुत दिक्कत होती है। हम चाहेंगे कि नाला और नाली बने, तो समस्या आधी दूर हो जाएगी। आरोप सफाई तक नहीं होती फैजुल्लागंज के केशव नगर में रहने वाले राजू कश्यप कहते हैं- यहां की सबसे बड़ी समस्या सड़क और नालियों की है। इलाके में न तो सड़कें ठीक हैं और न ही नालियों की व्यवस्था दुरुस्त है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। बारिश में यहां जलभराव की स्थिति और गंभीर हो जाएगी। इलाके में जगह-जगह पानी भर जाता है, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी होती है। क्षेत्र में कई सड़कें अब भी कच्ची या जर्जर हालत में हैं। नालियों की सफाई और निर्माण का काम नहीं हुआ है। सड़क नदारद बच्चे स्कूल नहीं जा पाते बालाजी नगर के रहने वाले अंशू अवस्थी कहते हैं- हमारे यहां सबसे बड़ी समस्या रोड की है जो कि बिल्कुल नदारद है और साथ ही जलभराव की समस्या है। थोड़ी सी भी बारिश होती है तो पानी यहां पूरे रोड पर भर जाता है, जिससे हम लोगों को निकलने में काफी समस्या होती है। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं। साथ ही लाइट की समस्या भी बहुत ज्यादा है। हर 10-15 मिनट पर लाइट ट्रिपिंग होती है, जिससे घर के उपकरण भी खराब हो रहे हैं। हमारा शासन-प्रशासन से यही अनुरोध है कि इन समस्याओं को जल्द से जल्द दूर किया जाए। मुतकीपुर के लोग बोले- हाथाें से बनाई सड़क मुतकीपुर के रहने वाले शाहिद सहित 500 घरों के लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि नाली की समस्या बहुत ज्यादा है। हम यही चाहते हैं कि यहां जल्द से जल्द नाली का निर्माण हो जाए ताकि पानी निकलने का रास्ता साफ हो सके। बारिश में तालाब बन जाती है सड़क और घर
पार्षद बोले- बुनियादी सुविधाओं पर कर रहे काम पार्षद रामू कनौजिया कहते हैं- वार्ड में बुनियादी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। हालांकि, क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए अभी और भी काम किए जाने बाकी हैं। उन्होंने कहा कि हमारे वार्ड में महत्वपूर्ण कई काम हुए हैं और बाकी अभी बहुत काम बाकी है। जैसे कि एक 45 करोड़ का नाला बन गया है, एक 50 बेड का हॉस्पिटल बना है, एक कल्याण मंडप बन गया है। गोमती नदी पीपा वाले पुल पर पक्के पुल का निर्माण भी चल रहा है। इसके साथ ही क्षेत्र में काफी सड़कों का निर्माण हुआ है। —————————– इस वार्ड को भी जानिए- बशीरतगंज गणेशगंज में नालियों में बह रहा सीवर : दुर्गंध और जलभराव से लोग परेशान, जर्जर खंभों और उलझे तारों से खतरा बशीरतगंज गणेशगंज वार्ड में संकरी गलियों के बीच में साफ-सफाई की चुनौती है। वार्ड में सीवर ओवरफ्लो की सम्स्या सबसे बड़ी है। नाले-नालियां सीवर से कनेक्ट नहीं हैं। ऐसे में सीवर का गंदा पानी नाले में ही बहता है। दुर्गंध के बीच लोग रहने को मजबूर हैं। बारिश के बाद दो फीट तक जलभराव की स्थिति होती है। डोर-टु-डोर कूड़ा कलेक्शन की स्थिति सुधारने की जरूरत है। पेयजल संकट वार्ड के कई इलाकों में बना हुआ है। इस वजह से लोगों का रहना तक मुश्किल हो रहा है। (पूरी खबर पढ़िए)
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यहां बारिश में तालाब बन जाती हैं गलियां: फैजुल्लागंज-IV वार्ड में न सड़क, न सफाई; शिकायतें नहीं सुन रहा नगर निगम – Lucknow News
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