गयाजी रविवार को नगर प्रखंड के चाकंद स्थित उच्च विद्यालय में पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस खास मौके पर डीएम शशांक शुभंकर खुद मौजूद रहे और उन्होंने ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और विकास योजनाओं का जायजा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए अधिकारियों ने बताया कि पंचायत विकास दिवस को आयोजित करने का असली मकसद सिर्फ फाइलों में काम देखना नहीं है बल्कि जमीन पर उतर कर ग्रामीणों की समस्याओं और उनके कीमती सुझावों को सुनना है। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच घंटों चर्चा कार्यक्रम के दौरान ग्राम सभा के सदस्यों ने हिस्सा लिया। गांव की तरक्की के लिए पहले से चल रही योजनाओं और आने वाले समय में होने वाले नए विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच घंटों चर्चा हुई। डीएम ने चाकंद उच्च विद्यालय के प्रांगण में मौजूद सभी विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि हर सरकारी योजना का लाभ समाज के आखिरी पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान गांव से जुड़ी तमाम बड़ी और महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की गई। कमियों को दूर करने के दिए निर्देश अधिकारियों ने योजनाओं की मौजूदा स्थिति को देखा और जहां भी कमी पाई गई, उसे तुरंत सुधारने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों के तहत चुनी गई अलग-अलग थीमों पर भी गहराई से विचार-विमर्श किया गया। इस बार के पंचायत विकास दिवस में सबसे ज्यादा ध्यान LSDG थीम-9 यानी महिला हितैषी पंचायत पर दिया गया। इस विषय पर चर्चा करते हुए डीएम शशांक शुभंकर और अन्य वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक हमारी माताएं-बहनें आगे नहीं बढ़ेंगी। तब तक किसी भी गांव या पंचायत का विकास अधूरा है। कार्यक्रम को और अधिक प्रेरणादायक बनाने के लिए वहां मौजूद लोगों को कुछ ऐसी उत्कृष्ट पंचायतों के विकास कार्यों का वीडियो दिखाया गया जिन्होंने अपने बेहतरीन काम से मिसाल कायम की है। इस वीडियो प्रदर्शन को देखकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भी अपने गांव को सुंदर और विकसित बनाने का नया जोश देखा गया।
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