संभल में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ई-रजिस्ट्री में किए गए संशोधनों के विरोध में अधिवक्ता हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल में उनके साथ दस्तावेज लेखक, स्टांप वेंडर और टाइपिस्ट भी शामिल हैं। प्रदर्शनकारी सरकार पर उनके हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए आदेश वापस लेने की मांग कर रहे हैं। संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला कोट पूर्वी स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पर अधिवक्ताओं का धरना-प्रदर्शन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। यह धरना सुबह 10 बजे शुरू होकर शाम 05 बजे समाप्त हुआ। अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए तीसरे दिन भी धरना जारी रखने की चेतावनी दी है।
संभल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव कुमार भटनागर ने बताया कि वे दो दिन से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और यह धरना कुल तीन दिन तक चलेगा। उन्होंने इन संशोधनों को ‘तुगलकी फरमान’ बताते हुए कहा कि इससे डीड राइटर्स, स्टाम्प वेंडर्स और अधिवक्ता संघ जैसे कई संगठन बेरोजगार हो जाएंगे। भटनागर ने कहा कि यह सरकार की रोजगार देने की मंशा के विपरीत है, क्योंकि ई-रजिस्ट्री का कार्य निजी संगठनों को सौंपने से बड़े पैमाने पर लोग अपनी आजीविका खो देंगे।
राजीव कुमार भटनागर ने लेन-देन की सुरक्षा पर भी चिंता व्यक्त की। उनके अनुसार, यदि रजिस्ट्री से संबंधित कार्य वकीलों या कातिबों के चैंबरों पर होते हैं, तो लेन-देन की धनराशि अधिक सुरक्षित रहती है और भुगतान सही तरीके से हो पाता है। उन्होंने यह भी बताया कि खतौनियों में कई त्रुटियां हैं, जिन्हें निजी संस्थाएं ठीक से नहीं संभाल पाएंगी, जिससे लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। एसोसिएशन का धरना आज तीसरे दिन भी जारी है। राजीव कुमार भटनागर ने बताया कि वे कल इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए एक बैठक करेंगे। प्रदर्शन करने वाले अधिवक्ताओं में प्रदीप गुप्ता, पर्मेंद्र सिंह, शकील अहमद, अरविंद सिंह, रामपाल सिंह, विनेश कुमार, सचिन चौहान, नरेंद्र कुमार, रामरईस यादव, सरफराज हुसैन, रवि कुमार, सुभाष त्यागी और नीतू सैनी जैसे नाम शामिल रहे।
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संभल में ई-रजिस्ट्री संशोधन का विरोध: वकीलों की हड़ताल में स्टांप वेंडर, बोले- हजारों लोग बेरोजगार होंगे – Sambhal News
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