सीवान के मॉडल सदर अस्पताल में बदइंतजामी को लेकर दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर का असर 24 घंटे के भीतर दिखाई दिया है। अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली खबर के बाद तत्काल कार्रवाई की। संबंधित कर्मियों और चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। यह कार्रवाई सोमवार को दैनिक भास्कर में प्रकाशित एक खबर के बाद हुई। खबर में बताया गया था कि इमरजेंसी में इलाज के लिए पहुंचे एक मरीज के परिजनों को स्ट्रेचर नहीं मिला। मरीज की मौत के बाद शव को घर ले जाने के लिए एम्बुलेंस भी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके कारण परिजनों को मजबूरन शव को ठेले पर रखकर ले जाना पड़ा था। इस घटना ने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। खबर प्रकाशित होने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। मंगलवार को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड और अन्य प्रमुख स्थानों पर नए निर्देश चस्पा किए गए। एम्बुलेंस सेवा के लिए 102 पर करें कॉल इन निर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि शव वाहन और आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा के लिए मरीज या उनके परिजन सीधे टोल फ्री नंबर 102 पर कॉल करके निःशुल्क सेवा प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। आम लोगों में व्यवस्था को लेकर असंतोष हालांकि, अस्पताल प्रशासन की इस कार्रवाई के बावजूद आम लोगों में व्यवस्था को लेकर असंतोष बना हुआ है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में 102 सेवा पर संपर्क करना हमेशा आसान नहीं होता। कई बार घंटों तक फोन नहीं लगता, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिल पाती। लोगों ने सुझाव दिया है कि जब अस्पताल परिसर के आसपास एम्बुलेंस चालक और संबंधित कर्मी मौजूद रहते हैं, तो इमरजेंसी वार्ड में उनकी ड्यूटी सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद मिली। इसके तुरंत बाद संबंधित कर्मियों और चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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