अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के खजोता गांव में पुश्तैनी मकान के विवाद को लेकर देवर और देवरानी ने मिलकर अपनी ही जेठानी पर लाठी और सरियों से हमला कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे लहूलुहान हालत में अलवर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता के पति का आरोप है कि आरोपियों द्वारा किया गया यह तीसरा हमला है। मकान पर कब्जे की नीयत, घर में अकेली देख घेरा खजोता निवासी रामेश्वर जांगिड़ की पत्नी सविता देवी (पीड़िता) घर पर अकेली थीं। इसी दौरान उनके छोटे भाई (देवर) रामविलास और उसकी पत्नी (देवरानी) हेमलता ने पुश्तैनी मकान पर कब्जा करने की नीयत से सविता देवी को घेर लिया। दोनों ने बिना कुछ सोचे-समझे लाठी और लोहे के सरियों से उन पर हमला बोल दिया। सविता देवी के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। परिवार में पहले से विवाद चलता आ रहा था। चीख-पुकार सुन दौड़े पड़ोसी, लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुंचाया महिला की चीख-पुकार सुनकर आस-पास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। उन्हें देखकर आरोपी मौके से भाग निकले। परिजनों ने आनन-फानन में घायल सविता देवी को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया पीड़िता के पित रामेश्वर ने बताया कि पहले पशुओं के चारे में दवा डालने की भी कोशिश की “मेरा छोटा भाई रामविलास और उसकी पत्नी हेमलता हमें घर और संपत्ति से बेदखल करना चाहते हैं। यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी वे दो बार जानलेवा कोशिश कर चुके हैं। वारदात के बाद पीड़ित परिवार ने लक्ष्मणगढ़ थाना पुलिस को मामले की लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पुश्तैनी मकान को लेकर दोनों पक्षों में पुराना विवाद चल रहा है।
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