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इंटरनेशनल योगा डे (21 जून) के खास मौके पर सरकार ने युवाओं के लिए कमाई का एक शानदार और बिल्कुल अनोखा रास्ता खोल दिया है. अगर आप भी एक बेहतरीन और सम्मानजनक करियर की तलाश में हैं, तो सरकार के स्किल इंडिया मिशन (Skill India Mission) के तहत चल रहे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) का हिस्सा बन सकते हैं. इसके जरिए आप बिना किसी भारी-भरकम फीस के बिल्कुल मुफ्त में प्रोफेशनल योग इंस्ट्रक्टर, योग ट्रेनर या वेलनेस कोच बनने की ट्रेनिंग ले सकते हैं.
इस फ्री ट्रेनिंग का लाभ उठाने की प्रक्रिया बेहद आसान और पूरी तरह डिजिटल है. (AI)
नई दिल्ली. आज के समय में जब पूरी दुनिया अपनी फिटनेस और मेंटल हेल्थ को लेकर परेशान है, तब भारत का प्राचीन योग विज्ञान दुनिया के लिए सबसे बड़ा सहारा बनकर उभरा है. यही वजह है कि अब योग सिर्फ सुबह-शाम पार्क में की जाने वाली एक्सरसाइज नहीं रह गया है, बल्कि दलाल स्ट्रीट और कॉरपोरेट वर्ल्ड की तरह यह भी एक मल्टी-बिलियन डॉलर की बड़ी इंडस्ट्री बन चुका है. भारत सरकार इस बात को अच्छी तरह समझती है, इसीलिए स्किल इंडिया डिजिटल पोर्टल (skillindiadigital.gov.in) के माध्यम से युवाओं को इस बढ़ती डिमांड का फायदा उठाने के लिए तैयार किया जा रहा है.
इस सरकारी पहल के तहत युवाओं को एनएसक्यूएफ लेवल 4 से लेकर लेवल 6 तक के एडवांस कोर्स कराए जा रहे हैं, जिनमें योग इंस्ट्रक्टर, योग ट्रेनर और सीनियर योग ट्रेनर जैसे प्रोफेशन्स शामिल हैं. मात्र 3 से 6 महीने की इस शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग के बाद युवाओं को एनएसडीसी (NSDC), ब्यूटी एंड वेलनेस सेक्टर स्किल काउंसिल और आयुष मंत्रालय से मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट दिया जाता है. यह सर्टिफिकेट इस बात की गारंटी है कि आप देश-विदेश के किसी भी कोने में जाकर एक सर्टिफाइड प्रोफेशनल के रूप में अपना काम शुरू कर सकते हैं.
सिर्फ भारत ही नहीं, विदेशों में भी है भारी डिमांड
एक बार जब आपके हाथ में सरकार का यह मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट आ जाता है, तो देश और दुनिया के बड़े-बड़े सेक्टर्स आपके लिए अपनी नौकरियां खोल देते हैं:
- कॉर्पोरेट और प्रीमियम वेलनेस सेंटर्स: आजकल हर बड़ी आईटी और कॉरपोरेट कंपनी अपने कर्मचारियों के स्ट्रेस को कम करने के लिए ‘एम्प्लोयी वेलनेस प्रोग्राम’ चलाती है, जहां इन ट्रेनर्स को बहुत अच्छे पैकेज पर रखा जाता है. इसके अलावा बड़े जिम्स, लग्जरी स्पा, क्रूज शिप्स और रिसॉर्ट्स में भी इनकी भारी डिमांड है.
- विदेशों से बंपर सैलरी के ऑफर्स: अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और मिडल ईस्ट (दुबई आदि) में भारतीय योग गुरुओं की साख बहुत ज्यादा है. भारत में जहां एक योग टीचर की शुरुआती सैलरी ₹25,000 से ₹50,000 महीना होती है, वहीं अनुभव बढ़ने पर यह ₹1.5 लाख तक पहुंच जाती है. लेकिन अगर आप विदेश का रुख करते हैं, तो यही सैलरी $2,000 से $5,000 यानी करीब ₹1.6 लाख से ₹4 लाख रुपये प्रति माह से ज्यादा हो सकती है.
कैसे करें अप्लाई और क्या है एक्स्ट्रा बेनिफिट?
इस फ्री ट्रेनिंग का लाभ उठाने की प्रक्रिया बेहद आसान और पूरी तरह डिजिटल है. इच्छुक उम्मीदवारों को सबसे पहले ‘स्किल इंडिया डिजिटल पोर्टल’ पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा, जहां पीएमकेवीवाई (PMKVY) स्कीम के अंतर्गत ‘योग इंस्ट्रक्टर’ कोर्स को सर्च करके अपने नजदीकी सरकारी ट्रेनिंग सेंटर को चुनना होगा.
वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान को और मजबूत करने के लिए एक जरूरी सलाह यह भी है कि इस सरकारी सर्टिफिकेट को लेने के बाद युवा वाईसीबी (Yoga Certification Board) का लेवल-1, 2 या 3 का अतिरिक्त एग्जाम भी क्लियर कर सकते हैं. यह अतिरिक्त कदम आपको सीधे इंटरनेशनल मार्केट्स और ग्लोबल फिटनेस ऐप्स के साथ काम करने का मौका देता है, जिससे आपकी कमाई के रास्ते हमेशा के लिए खुल जाते हैं.
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मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें

