Saturday, June 20, 2026
Homeराज्यउत्तरप्रदेशपूर्व मंत्री कमलेश पाठक को रंगदारी मामले में जमानत: कोर्ट ने...

पूर्व मंत्री कमलेश पाठक को रंगदारी मामले में जमानत: कोर्ट ने 50 हजार के मुचलके पर रिहाई का दिया आदेश, अभी जेल से बाहर नहीं आएंगे – Auraiya News




आगरा जेल में 7 साल से बंद पूर्व विधायक-पूर्व मंत्री कमलेश पाठक को रंगदारी और धमकी के एक मामले में राहत मिली है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/अपर सिविल जज सीडी कोर्ट ने शुक्रवार को उन्हें 50 हजार रुपये के मुचलके और निजी बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया। यह मामला 7 जनवरी 2020 को औरैया थाने में दर्ज किया गया था। संकटमोचन गली निवासी राजेश कुमार ने रिपोर्ट लिखाई थी कि पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक और अब्दुल सत्तार उनसे पिछले सात साल से हर महीने 50 हजार रुपये की रंगदारी मांग रहे थे। पुलिस ने इस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5) (रंगदारी) और 351(2) (धमकी) के तहत मामला दर्ज किया था। जमानत सुनवाई के दौरान कमलेश पाठक के वकील सौरभ पांडेय ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल 16 मार्च 2020 से आगरा जेल में बंद हैं। उन्होंने दलील दी कि जेल मैनुअल के अनुसार, सांसद/विधायक श्रेणी के बंदी को केवल दो लोगों से बात करने की अनुमति होती है और अब्दुल सत्तार उन दो लोगों में शामिल नहीं हैं। वकील ने यह भी कहा कि पत्रावली में रंगदारी लेने या जेल से बात करने का कोई सीधा सबूत मौजूद नहीं है।अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि कमलेश पाठक पर पहले से 39 मुकदमे दर्ज हैं और वह जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर सकते हैं। हालांकि, कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि फाइल में रंगदारी का कोई सीधा सबूत नहीं है और जेल में बंद व्यक्ति का सीधे तौर पर संपर्क करना मुश्किल होता है। इसके बाद कोर्ट ने कमलेश पाठक को 50 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। यह उल्लेखनीय है कि कमलेश पाठक 2020 के एक डबल मर्डर केस में पहले से ही आगरा जेल में बंद हैं। इस रंगदारी मामले में जमानत मिलने के बावजूद, वह फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। उन पर गैंगस्टर एक्ट और एक अन्य मामला अभी भी लंबित है, जिसके कारण उन्हें जेल में ही रहना होगा। कमलेश पाठक के पक्ष का कहना है कि शिकायतकर्ता राजेश कुमार से उनकी पुरानी रंजिश है। वर्ष 2021 में राजेश ने कमलेश की पत्नी मधु पाठक और अब्दुल सत्तार के खिलाफ जमीन पर कब्जे का एक मामला दर्ज कराया था। पाठक पक्ष का आरोप है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते यह रंगदारी का मुकदमा दर्ज कराया गया है।



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments