Wednesday, June 17, 2026
Homeफूडयं सहायता समूह से बदली किस्मत, घर के शुद्ध अचार की बढ़ी...

यं सहायता समूह से बदली किस्मत, घर के शुद्ध अचार की बढ़ी डिमांड


Last Updated:

Pickle Business Idea: आज के दौर में जहां एक तरफ युवा नौकरी की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के बिजुआ ब्लॉक के कुछ हुनरमंद लोग अपने पारंपरिक व्यवसाय के दम पर आत्मनिर्भरता और सफलता की एक नई इबारत लिख रहे हैं. ‘श्री बालाजी स्वयं सहायता समूह’ से जुड़कर न सिर्फ एक शख्स की किस्मत बदली, बल्कि गांव की 12 महिलाओं को घर बैठे रोजगार भी मिला. 20 तरह के शुद्ध और स्वादिष्ट अचार तैयार कर यह समूह आज हर दिन हजारों रुपये की शानदार कमाई कर रहा है.

Pickle Business Idea: आज के समय में जहां युवा नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं, वहीं कुछ लोग अपने हुनर और पारंपरिक व्यवसाय के दम पर सफलता की नई कहानी लिख रहे हैं. बिजुआ ब्लॉक के रहने वाले हरीश ने बातचीत करते हुए बताया कि वह वर्ष 2023 में स्वयं सहायता समूह से जुड़े थे. स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद हमारी किस्मत बदल गई है. हमारे समूह का नाम ‘श्री बालाजी स्वयं सहायता समूह’ है. इसमें करीब 12 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जिन्हें गांव में ही रोजगार मिल रहा है और उनके परिवार का पालन-पोषण अच्छे से हो रहा है.

20 प्रकार के स्वाद और बढ़ती डिमांड
स्वयं सहायता समूह के द्वारा करीब 20 प्रकार का अचार तैयार किया जाता है, उसके बाद उन्हें मार्केट में बिक्री के लिए भेजा जाता है, जिस कारण अच्छा-खासा मुनाफा होता है. अगर वैरायटी की बात की जाए तो इसमें आम का अचार, नींबू, हरी मिर्च, लाल मिर्च, लहसुन, अदरक, कटहल, करौंदा, मिक्स वेज अचार, आंवला, गाजर, मूली व अन्य कई तरीके के अचार शामिल हैं. घर में तैयार किए गए इन अचारों की शुद्धता और गुणवत्ता के कारण बाजार में लगातार इनकी डिमांड बढ़ती जा रही है, जिस कारण समूह की इनकम में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है.

पारंपरिक विधि और शुद्धता का मेल
अचार बनाने के लिए सबसे पहले ताजी और अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री का चयन किया जाता है. इसके बाद मसालों में सरसों, मेथी, सौंफ, कलौंजी, हल्दी, लाल मिर्च और नमक का सही अनुपात मिलाया जाता है. अचार को लंबे समय तक सुरक्षित और स्वादिष्ट रखने के लिए शुद्ध सरसों के तेल का उपयोग किया जाता है. यही वजह है कि लोग इस घरेलू स्वाद को बेहद पसंद कर रहे हैं.

प्रतिदिन हजारों की कमाई और रोजगार
हरीश ने बातचीत करते हुए आगे बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा जो 20 प्रकार का अचार तैयार किया जाता है, उसकी बिक्री से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. इस समय बाजार में 1 किलो अचार 150 रुपये से लेकर 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है. इसमें सबसे अधिक आम के अचार और लहसुन के अचार की डिमांड है. स्वयं सहायता समूह की महिलाएं खास पारंपरिक तरीके से इस अचार को तैयार करती हैं.

समूह से जुड़ने के बाद अब प्रतिदिन हजारों रुपये की कमाई आसानी से अचार के बिजनेस से हो रही है. जब हम स्वयं सहायता समूह में नहीं जुड़े थे, तब काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. पिछले तीन वर्षों से स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने का रोजगार मिला है.

About the Author

Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments