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ITR Deadline : आप भी नौकरीपेशा हैं तो इनकम टैक्स रिटर्न भरने की शुरुआत हो चुकी है. कई टैक्सपेयर्स के मन में इस बात को लेकर गफलत चल रही है कि इस बार भी आईटीआर भरने की डेडलाइन सितंबर तक रहेगी. इस चक्कर में अगर आप डेडलाइन को चूक गए तो कई तरह के नुकसान उठाने पड़ सकते हैं.
आईटीआर भरने की डेडलाइन 2026 में 31 जुलाई रखी गई है.
नई दिल्ली. इनकम टैक्स रिटर्न भरने की शुरुआत हो चुकी है. आयकर विभाग की ओर से आईटीआर फॉर्म नोटिफाई करने के साथ ही करदाताओं के सामने रिटर्न भरने की मारामारी भी शुरू हो चुकी है. कंपनियों ने तो अपने कर्मचारियों को फॉर्म 16 भी जारी करना शुरू कर दिया है, जिसका मतलब है कि अब रिटर्न भरने की दौड़ पूरी तरह शुरू हो चुकी है. लेकिन, एक सवाल है जो हर बार करदाताओं के मन में जरूर उठता है. अगर वे इनकम टैक्स विभाग की ओर से तय की गई डेडलाइन को चूक जाते हैं तो क्या परेशानी सामने आ सकती है. दूसरी अहम बात ये है कि इस बार रिटर्न भरने की डेडलाइन क्या है.
पिछले साल सरकार ने आईटीआर भरने के लिए सितंबर तक का समय दिया था. यही वजह है कि इस बार भी तमाम करदाताओं के मन में यह सवाल उठ रहा है कि इस बार भी डेडलाइन वही है या फिर बदल गई है. अगर आप नौकरीपेशा हैं तो एक बात आप गांठ बांध लीजिए कि आपके लिए आईटीआर भरने की अंतिम समय सीमा 31 जुलाई ही है. इस बार आप सितंबर का सोचकर चूक मत जाइएगा. दूसरी बात ये कि अगर आप डेडलाइन तक आईटीआर नहीं भरते हैं तो इसके कई तरह से नुकसान हो सकते हैं.
क्या है आईटीआर भरने की डेडलाइन
- सामान्य करदाताओं, नौकरीपेशा और एचयएफ के लिए रिटर्न भरने की डेडलाइन 31 जुलाई, 2026 है.
- ऐसे बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स जिनके खातों को ऑडिट की जरूरत नहीं है, उनके लिए आईटीआर की डेडलाइन 31 अगस्त, 2026 है.
- ऐसे बिजनेसमैन और पेशेवर जिनके खातों को ऑडिट की जरूरत होती है, वे 31 अक्टूबर तक रिटर्न भर सकते हैं.
- ट्रांसफर प्राइसिंग नियमों के तहत आने वाले टैक्सपेयर्स 30 नवंबर, 2026 तक अपना रिटर्न भर सकते हैं.
- अगर आप सामान्य डेडलाइन को चूक जाते हैं तो लेट पेमेंट चार्ज के साथ 31 दिसंबर, 2026 तक आईटीआर भर सकते हैं.
डेडलाइन चूक गए तो क्या करें
आप सैलरीड पर्सन हैं या फिर एचयूएफ के रूप में आईटीआर दाखिल कर रहे हैं तो 31 जुलाई की डेडलाइन याद रखनी चाहिए. अगर आप इस डेडलाइन को चूक जाते हैं तो इनकम टैक्स की धारा 234एफ के तहत आप बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं. डेडलाइन के बाद रिटर्न भरने के लिए आपको लेट फीस चुकानी पडे़गी. इनकम टैक्स विभाग ने 5 लाख तक की सालाना कमाई पर 1,000 रुपये की लेट फीस तय की है, जबकि 5 लाख से ज्यादा की कमाई 5 हजार रुपये की लेट फीस लगाई जाती है.
डेडलाइन चूकने पर आपको क्या नुकसान
अगर इनकम टैक्स रिटर्न भरने की सामान्य डेडलाइन आप चूक गए हैं तो सेक्शन 234ए के तहत बकाया टैक्स पर ब्याल लगाया जा सकता है. इनकम टैक्स विभाग आपके नुकसान को कैरी फारवर्ड करने से इनकार कर सकता है. इतना ही नहीं आपका रिफंड आने में भी देरी हो सकती है. देरी से रिटर्न भरने पर आपको रिफंड तो मिलेगा, लेकिन आपको इस रिफंड पर मिलने वाले ब्याज का नुकसान हो सकता है. 31 दिसंबर के बाद आईटीआर भरते हैं तो रिफंड क्लेम करने का अधिकार समाप्त हो जाता है. इसके लिए आपको सेक्शन 119(2)(b) के तहत कर अधिकारियों से अपनी देरी को माफ किए जाने का आवेदन करना पड़ेगा और यह उनके ऊपर होगा कि वे आपकी बात स्वीकार करते हैं या नहीं.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

