भास्कर न्यूज | बारां शहर स्थित कृषि उपज मंडी की लहसुन मंडी इन दिनों रिकॉर्ड आवक के दबाव से जूझ रही है। हालात यह हैं कि लहसुन की नीलामी के लिए आरक्षित चारों कवर्ड शेड पूरी तरह भर चुके हैं। जगह कम पड़ने पर मंडी प्रशासन को एक अतिरिक्त कवर्ड शेड और एक आरसीसी शेड भी लहसुन के लिए उपयोग में लेना पड़ा। लगातार बढ़ती आवक और स्टॉक के दबाव को देखते हुए मंडी प्रशासन ने आगामी सूचना तक लहसुन की नई एंट्री पर फिर से रोक लगा दी है। हालांकि मंडी में लहसुन सहित अन्य कृषि जिंसों की नीलामी नियमित रूप से जारी रहेगी। लहसुन व्यापार संघ अध्यक्ष जगदीश बंसल ने बताया कि बारां मंडी में लहसुन की नीलामी के लिए चार कवर्ड शेड आरक्षित हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही आवक के कारण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शुक्रवार को बंपर आवक के बाद सभी शेड भर गए थे, जिसके चलते लहसुन की एंट्री रोकनी पड़ी थी। बाद में शेड खाली होने पर मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक किसानों के वाहनों को फिर एंट्री दी गई। उन्होंने बताया कि महज 14 घंटे के भीतर करीब 45 हजार कट्टे लहसुन की आवक हो गई। देसी लहसुन के भाव 4 हजार से 14 हजार रुपए प्रति क्विंटल रहे अचानक बढ़ी इस भारी आवक से चारों आरक्षित शेड फिर भर गए। इसके बाद मंडी प्रशासन को अतिरिक्त कवर्ड शेड और आरसीसी शेड में भी लहसुन रखवाना पड़ा। स्थिति को देखते हुए व्यापारियों और मंडी प्रशासन ने फिलहाल नई एंट्री रोकने का निर्णय लिया है। बुधवार को मंडी में करीब 6 हजार कट्टे लहसुन की नीलामी हुई। इस दौरान देसी लहसुन के भाव 4 हजार से 14 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक रहे, जबकि ऊंटी लहसुन 5 हजार से 19 हजार 500 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका। मंडी में मिल रहे अच्छे भावों से किसानों में उत्साह बना हुआ है और उन्हें बेहतर मुनाफा मिल रहा है।
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