रामपुर में जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने एक आठ वर्षीय बच्चे को आयुष्मान कार्ड सौंपा, जिससे उसके इलाज की उम्मीद जगी है। साथ ही, उन्होंने आयुष्मान कार्ड बनाने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शाहबाद तहसील के ग्राम मधुकर निवासी राजवीर अपने आठ वर्षीय बेटे अनिरुद्ध के साथ जनसुनवाई में पहुंचे थे। उन्होंने जिलाधिकारी को बताया कि उनके बेटे की आंखों का ऑपरेशन होना है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण इलाज संभव नहीं हो पा रहा है। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल अनिरुद्ध का आयुष्मान कार्ड बनवाया और उसे स्वयं पिता-पुत्र को सौंपा। उन्होंने बच्चे के बेहतर इलाज के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए। इस पहल से परिवार को अब बच्चे के इलाज की नई उम्मीद मिली है। कलेक्ट्रेट में स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम तैनात की गई है, जिसने अब तक 150 पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड मौके पर ही बनाए हैं। प्रशासन का कहना है कि जनसुनवाई को आयुष्मान सहायता केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, ताकि गरीबों को इलाज के लिए भटकना न पड़े। जिलाधिकारी ने आयुष्मान कार्ड बनाने में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। एक समीक्षा बैठक में शाहबाद सीएचसी को धीमी प्रगति के लिए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। बिलासपुर सीएचसी के खिलाफ आरोप पत्र भेजने को भी कहा गया है। इसके अतिरिक्त, आयुष्मान कार्ड न बनाने वाले 15 सीएससी केंद्रों को बंद कराने और निष्क्रिय ऑपरेटर आईडी वाले पंचायत सहायकों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। लापरवाही पाए जाने पर 12 पंचायत सहायकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
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रामपुर डीएम ने मासूम अनिरुद्ध को आयुष्मान कार्ड सौंपा: इलाज की उम्मीद जगी, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश – Rampur News
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