Last Updated:
Work From Home : पीएम मोदी की अपील के बाद भारतीय कंपनी जोहो ने वर्क फ्रॉम होम लागू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब कंपनी ने साफ कर दिया है कि वह इस विकल्प पर विचार नहीं कर रही है. कंपनी के फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने कहा कि आमने-सामने बैठकर ज्यादा काम होता है.
जोहो ने वर्क फ्रॉम करने से इनकार कर दिया है.
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जबसे ईंधन बचाने के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) का सुझाव दिया है, निजी और सरकार दोनों ही कंपनियों के कर्मचारियों की निगाह अपने नियोक्ताओं के फैसल पर टिक गई है. इस बीच एक भारतीय कंपनी ने अपने कर्मचारियों को तगड़ा झटका देते हुए साफ कह दिया है कि वह वर्क फ्रॉम होम नहीं देने वाली है. करीब 24 हजार कर्मचारियों वाली इस देसी कंपनी ने पहले वादा किया था कि वह डब्ल्यूएफएस पर गंभीरता से विचार कर रही है, लेकिन अब इससे साफ इनकार कर दिया है.
श्रीधर वेम्बु की अगुवाई वाली आईटी कंपनी जोहो (Zoho) ने अब साफ कर दिया है कि वह वर्क फ्रॉम होम पर विचार नहीं करेगी. वेम्बु ने कहा कि उनकी कंपनी रिमोट एरिया से काम कराने पर कोई प्लान नहीं कर रही है. कंपनी के फाउंडर ने कहा कि ऑफिस मे बैठकर आमने-सामने रहकर काम करने से ज्यादा उत्पादकता मिलती है. खासकर रिसर्च और डेवलपमेंट टीम को. इससे पहले जब पीएम मोदी ने ईंधन बचाने की अपील करते हुए कंपनियों से कहा था कि वे ऑनलाइन मीटिंग्स और रिमोट एरिया से काम कराने पर जोर दें, तो जोहो ने भी इस पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया था.
फाउंडर ने लिखा सोशल मीडिया पोस्ट
जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि पहले विचार किए गए वर्क फ्रॉम होम ऑप्शन पर गहन अध्ययन और बातचीत करने के बाद इस फैसले पर पहुंचे हैं कि हमारी कंपनी रिमोर्ट एरिया से काम कराने पर विचार नहीं करेगी. कंपनी में कई स्तर पर बातचीत करने के बाद यह फैसला किया गया है कि आमने-सामने बैठकर काम करने से ज्यादा उत्पादकता मिलती है, बजाय कि रिमोट एरिया से काम कराने से. खासकर रिसर्च एंड डेवलपमेंट टीम के लोग आपस में बातचीत करके बेहतर सॉल्यूशंस निकाल सकते हैं.
अनुभव कहता है- ऑफिस में रहना बेहतर
वेम्बु ने कहा कि उनका खुद का अनुभव कहता है कि डेवलपमेंट टीम जब बाहर रहती है तो समस्याओं के समाधान में देरी लगती है. किसी समस्या का जल्दी हल सामने बैठक ही निकलता है. इससे बेहतर आइडिया और जल्दी समाधान का रास्ता भी खुलता है. पहले भी हमने देखा है कि जब लोग रिमोट एरिया से काम करते हैं तो समस्याओं के समाधान में समय लगता है. लिहाजा एक-दूसरे से आमने-सामने बातचीत कर मामला सुलझाना ज्यादा बेहतर दिखता है.
अन्य विकल्पों पर करेंगे विचार
श्रीधर वेम्बु ने कहा कि हमारी कंपनी भले ही वर्क फ्रॉम होम के पक्ष में नहीं है, लेकिन ईंधन बचाने के दूसरे उपाय खोजे जाएंगे. इसके लिए इलेक्ट्रिक बसों की फ्लीट तैयार करने पर विचार हो रहा है. साथ ही कंपनी की कैंटीन में भी इलेक्ट्रिक कुकिंग सिस्टम लगाने की तैयारी है, ताकि समस्याओं से आसानी से निपटा जा सके. इसके अलावा उनकी कंपनी सोलर एनर्जी इन्फ्रा में निवेश करने पर विचार कर रही है. इतना ही नहीं, कंपनी अन्य तरीकों से भी कामकाज को बेहतर बनाने और उत्पादकता बढ़ाने के तरीके खोज रही है.
About the Author
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

